UP Basic Shiksha:”साहब,अब रहने दीजिए, देख ली आपके आदेशों की गंभीरता…”, तीन मौतों से आक्रोशित बेसिक शिक्षक, ट्विटर पर ट्रेंड हुआ #upbasicblocktransfer, कल, गोंडा से आंदोलन शुरू, देखें अपील
पिछले तीन दिन हुई तीन बेसिक शिक्षकों की मौतों ने पूरे प्रदेश के बेसिक शिक्षकों को भीतर तक हिला कर रख दिया है। इसके विरोध में बेसिक शिक्षकों ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर ब्लाक ट्रांसफर का अभियान चलाया तो वहां गोंडा से उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ आंदोलन शुरू करने जा रहा है। पहले चरण का आंदोलन 18 नवम्बर को चलाया जाएगा।
गुरुवार को सुबह से ट्विटर पर शिक्षकों ने #upbasicblocktransfer का अभियान चलाकर योगी सरकार के साथ ही डीजी विजय किरन आनन्द को भी घेरा और कहा कि, “साहब,अब रहने दीजिए। देख लिया गया कि आपके आदेशों की गंभीरता कितनी है। न NIC साइट बनाएगी न पोर्टल खुलेगा। हमें केवल ऑफलाइन म्यूच्यूअल का आदेश दे दीजिए, विनम्र निवेदन है। न कोई अनुपात बिगड़ेगा न कोई झंझट साइट की।
मालूम हो कि बेसिक शिक्षकों कि सड़क दुर्घटना में हुई मौतों का जिम्मेदार विभाग के शिक्षकों ने टाइम एंड मोशन को ठहराया है। शिक्षकों का आरोप है कि प्रतिदिन शिक्षक अपने गृहजनपद में ही 150 से 200 किलोमीटर दूर तक बाइक चलाकर स्कूल जाते हैं। चाहे जितना भी जल्दी शिक्षक घर से निकलें, लेकिन उनको स्कूल में देरी होने की चिंता सताती ही रहती है, जिसकी वजह से वह एकाग्र होकर बाइक नहीं चला पाते और एक्सीडेंट के शिकार हो जा रहे हैं।
लगातार तीन मौतों ने तो शिक्षकों को एकदम डरा ही दिया है। शिक्षकों का आरोप है कि टाइम एंड मोशन के खौफ ने शिक्षकों में एक अलग ही भय पैदा कर दिया है। ऐसा नहीं कि पहले स्कूलो में निरीक्षण नहीं होते थे, या पहले शिक्षकों को सजा नहीं दी जाती थी, लेकिन स्पष्टीकरण मांगा जाता था, लेकिन अब बगैर स्पष्टीकरण के ही तत्काल सजा सुना दी जा रही है, शिक्षकों को अपनी बात कहने का समय ही नहीं दिया जा रहा है।
इसी के साथ शिक्षकों का ये भी आरोप है कि न जाने कितनी ही बार डीजी विजय किरन आनन्द से मांग की गई कि जो 5 साल से अधिक समय से पिछड़े ब्लाकों में शिक्षक तैनात हैं, उनको नियम के अनुसार ब्लाक व जनपद के भीतर म्युच्युअल ट्रांसफर दे दिया जाए, ताकि शिक्षक स्वस्थ्य मानसिकता के साथ समय पर स्कूल पहुंचें और बिना किसी चिंता के बच्चों को पढ़ाएं। इससे न तो शिक्षक तनाव में होंगे और न ही उनको प्रतिदिन 100-200 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी। ऐसे में दिव्यांग शिक्षक और वे शिक्षिकाएं, जिनके छोटे-छोटे बच्चे हैं, वो भी तमाम समस्याओं का सामना कर अपनी ड्यूटी निभा रही हैं।
देखें तीन दिन में किस-किस ने खोई जान
बीते सोमवार को नौशाद अख्तर निवासी मोहल्ला दलाल टोला जलालपुर प्रधानाध्यापक प्राधमिक विद्यालय सोनगांव उत्तर का जीवत के पास विद्यालय जाते समय भयंकर एक्सीडेंट होने से मौके पर ही मौत हो गई। इस सम्बंध में शिक्षकों ने आरोप लगाया था कि स्कूल में एक भी मिनट की देरी से पहुंचने पर वेतन काटने का आदेश देने के कारण शिक्षक तनाव में हैं। इसी के साथ शिक्षकों ने आरोप लगाते हुए कहा था कि शिक्षा निदेशक विजय किरन आनन्द अभी कितनी जिंदगी और लेंगे आप।
तो वही बीते शनिवार को उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के प्राथमिक विद्यालय नगला सिताब, ग्राम पंचायत सालेहनगर बर्बर, न्याय पंचायत सरेन्डा ब्लॉक खेरागढ़ ,आगरा की सहायक अध्यापिका पद पर कार्यरत अंजू शर्मा का स्कूल से घर लौटते वक्त भरतपुर के पास पीछे से आ रहे ट्रक ने इतनी तेज टक्कर मारी की स्कूटी चकनाचूर हो गई। इस हादसे में अंजू शर्मा की मौत हो गई थी। इसी तरह बीते शुक्रवार को उत्तर प्रदेश अयोध्या अयोध्या-अम्बेडकर नगर मार्ग पर सुबह करीब साढ़े 9 बजे स्कूटी सवार शिक्षिका नम्रता सिंह पूराबाज़ार के पूर्वी छोर पर ट्रक की चपेट में आ गयी, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक जनपद अंबेडकर नगर कोतवाली मोजनपुर निवासी नम्रता सिंह (27) शिक्षा क्षेत्र मया बाजार के कम्पोजिट विद्यालय दामोदरपुर में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थी।
पढ़ें गोंडा के अभियान का पत्र, देखें क्या की गई है अपील
