प्रत्येक विभाग को न्यूनतम चार मल्टीडिसीप्लिनरी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए हैं, जिससे विद्यार्थियों को बहुविषयक शिक्षा का अवसर मिल सके।
विश्वविद्यालय और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड मिलकर जागरूकता, शोध और नवाचार के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में सार्थक कार्य करेंगे।
यह सम्मान 23 मई 2026 को Constitution Club of India में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया।
संस्कृत शिक्षण को केवल व्याकरण तक सीमित न रखकर संवाद, कहानी, गीत, अभिनय, खेल तथा तकनीकी माध्यमों से जोड़ा जाना चाहिए।
इस कदम से चयन प्रक्रिया पर किसी भी प्रकार के गतिरोध या संदेह की गुंजाइश नहीं रहेगी और मेधावी छात्रों को पूर्ण न्याय मिल सकेगा।
“विशाखा गाइडलाइंस एवं यूजीसी विनियम 2015 के अंतर्गत कार्यस्थल पर गंभीर यौन व मानसिक उत्पीड़न और अशोभनीय कदाचार” ।
भविष्य में समावेशी एवं आत्मनिर्भर शिक्षा व्यवस्था के मॉडल के रूप में स्थापित हो सकती है।
प्रवेश संबंधी सहायता के लिए विश्वविद्यालय के हेल्पलाइन नंबर 8887222060 और ई-मेल admission@dsmnru.ac.in पर संपर्क किया जा सकता है।
पारंपरिक प्रणालियों में भारी उपकरण, खुले सैंपल होल्डर और जटिल नियंत्रण व्यवस्था होती है, जिससे संचालन कठिन और समयसाध्य हो जाता है.
विश्वविद्यालय में अलग अलग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए यूजी की 1933 सीटों पर आवेदन शुरू.