अगर 2025 की बात करें तो 51 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे.
कानून तो उसको सजा देगी ही लेकिन भगवान भी उसे उसके कर्मों का दंड जरूर देंगे.
कोई भी सच्चा सनातनी भाजपा के टिकट पर नहीं लड़ेगा क्योंकि न तो कोई हारने के लिए लड़ना चाहता है, न जनता के आक्रोश का शिकार होने के लिए.
उन्होंने ये भी कहा है कि “सुभाष को छोड़कर अन्य अभियुक्तों के पास से 79 लाख 85 हज़ार 493 रुपये बरामद किए गए हैं. अलग-अलग राशि उनके पास से बरामद हुई है.
अनुकल्प मिश्रा जो कि लवकुश मिश्रा का जीजा है और अनिल मिश्रा का रिश्तेदार. इसकी ड्यूटी चढ़ावा गणना में लगती थी और इसके घर से चोरी की रकम बरामद हुई थी.
तो वहीं दान चोरी मामले में लगातार कई वीडियो सामने आ रहे हैं जो दान चोरी को लेकर खुलासा कर रहे हैं.
विशेष जांच समिति का मतलब एसआईटी यानी शेयर इन थेफ्ट मतलब चोरी में हिस्सेदारी है.
जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि ऐसी जांच होनी चाहिए जिस पर सभी पक्षों को भरोसा हो.
अंधविश्वास फैलाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि समय पर इलाज जरूरी है. डाक्टर ने दोबारा जांच की बात भी कही है.
इस दिन दूसरों की बुराई न करें. साथ ही क्रोध न करें और झूठ न बोलें. मन को पूरी तरह सात्विक रखें.