प्राचीनकाल में एक धर्मपरायण ब्राह्मण के सात बेटे और एक बेटी थी. बेटी के बड़े होने पर उसका विवाह कर दिय गया.
Valmiki Jayanti 2026: वाल्मीकि जयंती पर कितने बजे होगी पूजा…? जानें कैसे पड़ा महर्षि का वाल्मिकी नाम
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इस मौके पर बच्चों को किताबें और पढ़ाई की सामग्री दान कर सकते हैं.
इस पर जैसे ही बड़ी बहन उस पर बैठने लगी उसके कपड़े के छूते ही बच्चा जीवित होकर रोने लगा.
इस दिन मथुरा से लेकर देश के हर मंदिर और धार्मिक स्थलों पर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है.
अगर मतान्तर भी होता है तो भी इसी तारीख को रात में 11 बजकर 44 मिनट पर पूर्व दिशा में उदयमान होगा.
इस पर यमदूतों ने क्रोधन को बता दिया कि कल उसका अंतिम दिन है.
बड़ी संख्या में लोग विजयादशमी पर अपनी एक बुरी आदत को छोड़ने का संकल्प ले रहे हैं.
इस दिन शमी वृक्ष का पूजन कर शाम को उसके नीचे दीपक लगाएं। इसके बाद यथाशक्ति अनुसार दान-दक्षिणा दें।
घी को वृक्ष के तने में चढ़ाने के बाद कलावा बांधा जाता है. इसके बाद गुड़ को जड़ों के पा रख दिया जाता है.
दिन भर मन में मां भगवती के सभी रूपों का मन में जाप करते रहें.