घी को वृक्ष के तने में चढ़ाने के बाद कलावा बांधा जाता है. इसके बाद गुड़ को जड़ों के पा रख दिया जाता है.
दिन भर मन में मां भगवती के सभी रूपों का मन में जाप करते रहें.
सर्वपितृ अमावस्या पर किसी पवित्र नदी में काले तिल डालकर तर्पण करें । इससे भी पितृगण प्रसन्न होते हैं।
एक आधिकारिक बयान जारी कर इन आरोपों को पूरी तरह से झूठा, बेबुनियाद और तथ्यों के विपरीत बताया है.
Indira Ekadashi Katha: प्राचीनकाल में महिष्मती नगरी में इंद्रसेन नामक राजा राज्य करते थे. उनके माता-पिता का निधन हो चुका…
Indira Ekadashi: अश्विन कृष्ण एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है. पित-पक्ष के दौरान पड़ने वाली इस एकादशी का बहुत…
पारण के बाद नीबू, चीनी का घोल पिया जाए तो जो 24 घंटे तक निर्जला व्रत रखने का असर शरीर पर दिखाई नहीं देता.
इन जीवों को दिया गया अन्न सीधे पितरों तक पहुंचता है और उनकी आत्मा को शांति प्रदान करता है जो कि पीढ़ियों के लिए फलदायी होता है.
Pitru Paksha: आश्विन मास की प्रतिपदा के साथ ही पितृपक्ष शुरू हो गए हैं. आजकल व्यस्त जीवनचर्या और नौकरी-बिजनेस की…