Commonwealth Games 2022: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पहला रजत पदक दिलाने वाले “दुखी” संकेत को प्रधानमंत्री ने दी बधाई, पिता की पान की दुकान पर करते हैं मदद, संकेत के बारे में जानें सब कुछ, वेटलिफ्टर गुरुराज पुजारी ने जीता कांस्य

July 30, 2022 by No Comments

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कॉमन वेल्थ गेम्स में भारत को पहला रजत पदक दिलाने वाले दुखी संकेत सरगर को प्रधानमंत्री ने बधाई देते हुए कहा है कि ‘कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका रजत पदक जीतना भारत के लिए एक अच्छी शुरुआत है।” वहीं संकेत इस बात के लिए दुखी हैं कि वह भारत को गोल्ड मेडल दिला सकते थे, लेकिन चोट लगने के कारण वह अपनी इस बड़ी सफलता से चूक गए। आखिरी दो प्रयासों में संकेत महादेव सरगर चोट खा बैठे। संकेत का अब एक्स रे कराया जाएगा। संकेत ने भारोत्तोलन चैंपियनशिप में पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं वेटलिफ्टर गुरुराज पुजारी ने पुरुषों के 61 किलोग्राम वेट कैटेगरी में कुल 269 किलोग्राम भार उठाकर भारत के लिए कांस्य पदक जीता है।

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महाराष्ट्र के रहने वाले हैं संकेत
बता दें कि संकेत को पिछले साल अक्तूबर में एनआईएस पटियाला में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया था। वह कोल्हापुर के शिवाजी विश्वविद्यालय में इतिहास के छात्र हैं। संकेत ने खेलों इंडिया यूथ गेम्स 2020 और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2020 में स्वर्ण पदक जीता था। संकेत महादेव सरगर ने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को पहला रजत पदक दिला कर देश को एक बड़ा सम्मान दिलाया है। महाराष्ट्र के सांगली के रहने वाली इस 21 वर्षीय भरोत्तोलक ने 55 किग्रा भारवर्ग में इतिहास रच दिया। क्लीन एंड जर्क के दूसरे राउंड में चोटिल होने के बावजूद सरगर ने स्वर्ण के लिए प्रयास किया। हालांकि वह सफल नहीं हो सके।

ज्यादा बात नहीं करते हैं संकेत
तीन बार के राष्ट्रीय चैंपियन और पिछले साल दिसंबर में राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में रजत जीतने वाले संकेत स्वभाव से शर्मीले हैं और मुकाबलों के दौरान अपनी टीम के सपोर्ट स्टाफ के अलावा किसी से बात नहीं करते हैं। यहां तक कि उनके परिवार का कहना है कि वह आस-पड़ोस में भी किसी से ज्यादा बात नहीं करते हैं।

संकेत पिता के काम में भी करते हैं मदद
संकेत महाराष्ट्र के सांगली में पिता की पान की दुकान और खाने की दुकान है, जिसमें वह अपने पिता की मदद करते हैं। फिलहाल वह कहते हैं कि वह अपने पिता को अब आराम करते हुए देखना चाहते हैं। संकेत ने इस साल फरवरी में सिंगापुर वेटलिफ्टिंग इंटरनेशनल में 256 किग्रा (स्नैच में 113 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 143 किग्रा) उठाकर कॉमनवेल्थ और राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया था।

जानें दुखी संकेत ने क्या कहा
हाल ही में संकेत ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह अगर स्वर्ण जीत लेते हैं तो पिता की मदद करेंगे, लेकिन स्वर्ण न जीत पाने के कारण वह काफी दुखी हैं। संकेत ने कहा कि मैं खुद से बहुत नाराज हूं। क्योंकि मुझे स्वर्ण पदक जीतना था। मैने इसके लिए तैयारी भी की थी। स्वर्ण से केवल एक कदम की दूरी पर था। हालांकि मुझे इस पदक को भी मिलने में खुशी है, क्योंकि यह देश का पहला पदक है।

पेरिस ओलम्पिक में जीतना है स्वर्ण
संकेत कहते हैं कि उनके पिता ने बहुत कष्ट उठाए हैं। इसलिए अब वह अपने पिता को खुशी देना चाहते हैं। संकेत का सपना है अब पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण जीतना। हालांकि संकेत के रजत जीतने के बाद उनके पिता महादेव सरगर ने कहा कि मेरे बेटे ने भारत को पहला पदक दिया है इससे हम बहुत खुश हैं।

जीत चुके हैं दो स्वर्ण
संकेत सरगर पिछले साल अक्तूबर में एनआईएस पटियाला में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया था। वह कोल्हापुर के शिवाजी विश्वविद्यालय में इतिहास के छात्र हैं। संकेत ने खेलों इंडिया यूथ गेम्स 2020 और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2020 में स्वर्ण पदक जीता था। भारत के लिए पुरुषों में पिछली बार राष्ट्रमंडल खेलों में सतीश शिवलिंगम और रंगला वेंकट राहुल ने स्वर्ण जीता था। संकेत उस क्रम को जारी रखने में कामयाब नहीं हुए। भरोत्तोलन 19वीं बार राष्ट्रमंडल खेलों में है। 1950 में पहली बार यह खेलों का हिस्सा हुआ था। इस बार 16 वर्गों में 180 एथलीट भाग ले रहे हैं। इनमें 90 पुरुष और 90 महिलाएं शामिल हैं।