संयुक्त शिक्षा निदेशक डा. प्रदीप कुमार एवं अन्य शिक्षकों द्वारा इसका विरोध किया गया था और शिक्षाधिकारियों को पत्र लिखकर ड्यूटी निरस्त की मांग की गई थी.