Vinay Pathak Corruption Case: कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय पाठक फरार, 25 दिन बाद भी UPSTF के नहीं लगे हाथ, पीएचडी जांच की मांग, वायरल हो रहा है तमाम आरोपों वाला पुराना वीडियो, देखें

November 26, 2022 by No Comments

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लखनऊ। छत्रपति शाहूजी महाराज कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक फरार चल रहे हैं और 25 दिन बीत जाने के बाद भी उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (UPSTF) के हाथ नहीं लगे हैं।

उनके ऊपर भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर गम्भीर आरोप लगे हैं और मामला लखनऊ में दर्ज है, लेकिन एसटीएफ को उनके बारे में कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। तो दूसरी ओर बिना कुलपति के विश्वविद्यालय में तमाम अव्यवस्था व्याप्त हो गई है। तो वहीं तमाम प्रोफेसर व शिक्षकों ने उनकी पीएचडी जांच का मुद्दा गरम कर दिया है। इसी के साथ उन पुराने वीडियो को भी

बता दें कि प्रो. विनय पाठक का मामला पूरे प्रदेश और शिक्षा जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि उन्होंने तमाम प्रोफेसर, शिक्षकों और डायरेक्टर की भी फर्जी नियुक्ति कराई है। इसी के साथ इस पूरे मामले पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की चुप्पी भी लोगों के लिए तमाम सवाल खड़ा कर रही है।

शिक्षा जगत के लोगों का कहना है कि राज्यपाल, पाठक को या तो क्लीन चिट दे दें या फिर पद मुक्त कर पूर्ण रूप से जांच करवाएं। कम से कम कोई स्थिति तो स्पष्ट करें। तो वहीं कुछ सफेदपोश भी प्रो. पाठक के संरक्षक बताए जा रहे हैं और सवाल खड़ा किया जा रहा है कि जो गुनाह उन्होंने किया, अगर इसी गुनाह को कोई आम नागरिक करता तो क्या पुलिस या सरकार छोड़ देती? फिलहाल इस कांड की गुत्थी इस कदर उलझी हुई है कि अगर सुलझाई जाए तो न जाने कितने ही चेहरे बेनकाब होंगे और न जाने कितनों के ही सफेद कपड़े भ्रष्टाचार के दाग से मैले हो जाएंगे।

मालूम हो कि प्रो. विनय पाठक ने, 25 नवंबर को एसटीएफ से समक्ष पेश होने की बात कही थी, लेकिन उनका खुद का टाइम भी बीत गया है और उत्तर प्रदेश की एसटीएफ अभी भी खाली हाथ खड़ी है। अब तो उन विश्वविद्यालयों से भी तमाम मामले सामने आ रहे हैं, जहां ये पूर्व कुलपति रह चुके हैं। मसलन आगरा विश्वविद्यालय के साथ ही एकेटीयू लखनऊ से भी उनके खिलाफ तमाम जानकारियां सामने आ रही हैं। वहीं एसटीएफ की कार्यवाही लोगों को कुछ समझ नहीं आ रही है। फिलहाल देखना ये है कि आखिर कब तक प्रो. पाठक एसटीएफ के हाथ नहीं लगते।

शिक्षकों ने की पीएचडी जांच की मांग
कानपुर विश्वविद्यालय के सम्बद्ध तमाम महाविद्यालयों के शिक्षकों ने प्रो. पाठक की पीएचडी की जांच की मांग की है। कानपुर में डिग्री कॉलेज संघ ने मोर्चा खोलते हुए प्रो. पाठक के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कानपुर के फूलबाग चौराहे पर धरना प्रदर्शन करते हुए शिक्षकों ने मांग की है कि प्रो विनय पाठक को जल्द से जल्द पद से हटा कर मामले में कार्रवाई की जाए। तो दूसरी ओर उनकी पीएचडी पर साल 2018 में उठाए गए सवालों की खबरें जमकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं तो इसी के साथ कई यूट्यूब चैनल के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिसमें प्रो. पाठक की पीएचडी पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

जानें क्या है मामला
बता दें कि 29 अक्टूबर 2022 को डेविड मारियो डेनिस ने प्रो. पाठक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक आगरा विश्वविद्यालय का कुलपति रहने के दौरान प्रो. पाठक व एक अन्य अभियुक्त ने उसकी कम्पनी द्वारा किए गए कार्यों के भुगतान के लिए उससे 15 प्रतिशत कमीशन वसूला था। उससे कुल एक करोड़ 41 लाख रुपये की जबरिया वसूली की गई थी। इस एफआईआर में डेविड मारियो ने प्रो. पाठक सहित अन्य से अपनी जान को खतरा भी बताया था।

इस तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जो कि चार साल पुराना है।