UP News: बिठूर घाट पर एक बार फिर जला ब्राह्मण मां-बेटी का राख हो चुका शव, अगर जेसीबी न गिराती जलता छप्पर, तो बच जाती दो जिंदगियां, देखें ह्रदय विदारक वीडियो

February 15, 2023 by No Comments

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कानपुर देहात। कानपुर देहात के मडौली गांव मामले में घटना के दो दिन बाद, फिर से उन राख शवों को जलाया गया, जो पहले ही जलकर राख हो चुका था. दरअसल घटना के दो दिन बाद मां-बेटी के राख शव का अंतिम संस्कार बिठूर घाट पर किया गया. इस मामले में जानकारी सामने आ रही है कि अगर जलता छप्पर जेसीबी से नहीं गिरता तो ब्राह्मण मां प्रमिला दीक्षित-बेटी नेहा जिंदा बच सकती थीं, क्योंकि जैसे ही झोपड़ी में आग लगाई गई, वैसे ही जेसीबी ने छप्पर हटाने की कोशिश की, जिससे जलता छप्पर और एक बड़ा लठ्ठ, जिसपर छप्पर रखा हुआ था, दोनों महिलाओं के ऊपर गिर गया और दोनों उसी के नीचे दब गईं. इसके बाद उनको वहां से निकलने का मौका नहीं मिला और वे दोनों जिंदा जलकर राख हो गईं.

13 फरवरी को हुई इस ह्रदय विदारक घटना के बाद 15 फरवरी को दोनों का अंतिम संस्कार किया गया. दो दिन चले विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस-प्रशासन ने खुद को आग में झोंक देने वाली मां-बेटी का अंतिम संस्कार कराने में तो सफलता पा ली, लेकिन जो सिस्टम खुद को जनता के हित में कार्य करने वाला बताता है, वो अभी भी कई तरह के सवालों के घेरे में है. इस पूरी घटना के बाद स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने सरकार की जो किरकिरी कराई है, उसकी भरपाई शासन स्तर पर कैसे की जाएगी, ये एक बड़ा सवाल है.

पत्नी और बेटी को एक साथ खोने वाले घायल कृष्ण गोपाल दीक्षित कानपुर देहात से निकली शव यात्रा में तो शामिल नहीं हो सके लेकिन कानपुर स्थित हैलट अस्पताल से सीधे बिठूर घाट पहुंचे और अंतिम संस्कार में शामिल हुए. इस मौके पर उन्होंने आरोपियों के खिलाफ फांसी की मांग की है. उन्होंने मीडिया के सामने दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि अगर जिलाधिकारी नेहा जैन चाहतीं तो यह घटना नहीं होती. उन पर भी सरकार कार्रवाई करे. क्योंकि ये आत्महत्या नहीं हत्या है. वहीं मृतका प्रमिला के बेटे शिवम दीक्षित ने मां और बहन का अंतिम संस्कार किया.

बता दें कि मां और बेटी ने खुद को उस वक्त आग के हवाले कर दिया था, जब स्थानीय पुलिस-प्रशासन उनकी झोपड़ी गिराने के लिए 13 फरवरी को पूरे दल-बल के साथ पहुंचा था. बताया जा रहा है कि झोपड़ी गिराने का निर्देश जिलाधिकारी नेहा जैन ने ही दिया था. इस ह्रदय विदारक घटना में बेटी और पत्नी को बचाने के दौरान कृष्ण गोपाल बुरी तरह से घायल हो गए थे. उनका चेहरा बुरी तरह से जल गया था. इसी वजह से वह हैलट अस्पताल में भर्ती हैं और उनको जैसे-तैसे घाट पर ले जाया गया.

यहां देखें ह्रदय विदारक वीडियो

ये वही वीडियो है, जैसे ही महिलाओं ने आग लगाई, तुरंत जेसीबी ने झोपड़ी का छप्पर उठाने की कोशिश की थी.