UP News: जिला प्रशासन से त्रस्त ब्राह्मण मां-बेटी ने खुद को किया आग के हवाले, वायरल हुआ महिला जिलाधिकारी का डांस वीडियो, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने दिया बड़ा आश्वासन
कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के मडौली गांव से एक ह्रदय विदारक घटना सामने आ रही है. यहां मां प्रमिला दीक्षित और बेटी नेहा दीक्षित ने खुद को उस वक्त आग के हवाले कर दिया, जब उनकी झोपड़ी पर पुलिस-प्रशासन जेसीबी चलाने आए. इस घटना के बाद ही यहां की जिलाधिकारी नेहा जैन का डांस वीडियो भी वायररल हो रहा है, जिसे लोग इस घटना से जोड़कर देख रहे हैं और उनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं. तो वहीं इस मामले में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने पीड़ित परिवार को बड़ी मदद का भरोसा दिलाया है. बता दें कि परिवार में दो बेटे और उनके पिता ही जीवित बचे हैं. वहीं इस मामले में ये भी जानकारी सामने आ रही है कि जिलाधिकारी ने ही पुलिस व अन्य अधिकारियों को झोपड़ी गिराने का आदेश दिया था और कहा था कि आज ही गिरा दें. (फोटो वायरल वीडियो)
जाने क्या है मामला
बता दें कि 13 फरवरी को कानपुर देहात के मड़ौली गांव की एक झोपड़ी को जेसीबी से हटाने के लिए स्थानीय पुलिस-प्रशासन पहुंचा था. बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से उनको एक मकान दिलाने की मांग की थी. इसके बाद उन लोगों ने उस स्थान को छोड़ने के लिए कहा था, जहां वे रह रहे थे और जिला प्रशासन उनकी झोपड़ी को तोड़ने गया था. जानकारी सामने आई है कि पीड़ित परिवार के पास पहले मकान था, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने ये कहते हुए उनका मकान गिरा दिया था, कि गैरकानूनी जमीन पर बना हुआ है.
इसी के बाद से पीड़ित परिवार गांव की एक जगह पर झोपड़ी बनाकर रहने लगा था, जिसे 13 फरवरी को पुलिस प्रशासन गिराने पहुंचा था और इसी के बाद मां-बेटी ने खुद को झोपड़ी के अंदर बंद कर आग लगा ली. आरोप है कि इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस-प्रशासन मौजूद था, लेकिन किसी ने भी जलती महिलाओं को बचाने की कोशिश नहीं की. मालूम हो कि इस मामले में एसडीएम समेत 40 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है.
इन लोगों पर हुई है कार्रवाई
इस मामले में एसडीएम समेत 40 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है. इस मामले में 11 नामजद और बाकी अज्ञात लोगों को आरोपी मानते हुए धारा 302, 307, 436, 429, 323, 34 के तहत केस दर्ज किया गया है. एफआईआर दर्ज होने के बाद एसडीएम मैंथा को पद से हटा दिया गया है, उन्हें मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है. रूरा थाने में दर्ज किए गए इस मुकदमे में एसडीएम मैंथा-ज्ञानेश्वर प्रसाद, प्रभारी निरीक्षक थाना रूरा-दिनेश कुमार गौतम, लेखपाल अशोक सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है. इसके अलावा कानूनगो, 3 अन्य लेखपाल, अशोक दीक्षित, अनिल दिक्षित, निर्मल दिक्षित, विशाल और जेसीबी ड्राइवर को भी नामजद आरोपी बनाया गया है. देर शाम तक इस मामले में लेखपाल अशोक सिंह को हिरासत में भी ले लिया गया था. जेसीबी के चालक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.
वायरल हुआ जिलाधिकारी का डांस वीडियो
इस घटना के सामने आने के बाद ही जिलाधिकारी नेहा जैन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यह वीडियो 12 फरवरी का बताया जा रहा है. जानकारी सामने आई है कि इस दिन कानपुर देहात महोत्सव का समापन था और इस मौके पर जिलाधिकारी ने कैलाश खेर के गाने पर जमकर रिंग डांस किया. आरोप लग रहे हैं कि जिलाधिकारी से मिलने पीड़ित परिवार गया था, लेकिन वह नहीं मिलीं. तो वहीं जिलाधिकारी के वीडियो को वायरल करते हुए सपा और कांग्रेस ने योगी सरकार पर हमला बोला है.
बृजेश पाठक के भरोसा दिलाने के बाद उठा जला शव
इस पूरी घटना को लेकर ग्रामीणों में जिलाधिकारी नेहा जैन और तहसील प्रशासन के रवैये को लेकर आक्रोश व्याप्त हो गया है. तो वहीं मृतका के परिजनों को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने न्याय दिलाने का भरोसा जताया है. कमिश्नर कानपुर राज शेखर ने पीड़ित परिवार की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से बात कराई. इसके बाद डिप्टी सीएम ने सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए देने के साथ ही दो को सरकारी नौकरी, एक मकान, 5 बीघा जमीन का पट्टा और दोषिया पर सख्त कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया. इसी के बाद परिजनों ने शव को घटना स्थल से उठने दिया. अर्थात घटना के 24 घंटे बाद माँ- बेटी का जला शव घटनास्थल से उठाया जा सका. फॉरेंसिक टीम ने दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
यहां देखें वीडियो इस घटना से जुड़े वो सभी वीडियो जो सच्चाई को बयां कर रहे हैं