आखिर कौन था वो VIP…? अंकिता भंडारी के हत्यारोपियों को मिली उम्रकैद लेकिन अभी भी इस प्वाइंट पर खड़े हो रहे हैं सवाल; DGP ने कही ये बात-Video
Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड, एक ऐसा मामला जिसके लिए न्याय मांगने के लिए देश भर की जनता सड़क पर उतर गई थी तो वहीं हत्याकांड के करीब ढाई साल बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी है. हालांकि सोशल मीडिया पर इस सजा को कम कहा जा रहा है और आरोपियों को फांसी देने की मांग की जा रही है तो दूसरी ओर एक सवाल आज भी लोगों के जेहन में है कि इतनी जांच के बाद भी ये नहीं पता लग सका कि वो वीआईपी कौन था, जिसका जिक्र इस केस में बार-बार होता रहा, जबकि हत्या कांड में पुलिस ने 40 हजार फोन नंबर और 800 CCTV खंगाले थे.
अभी भी लोगों के जेहन में ये सवाल है कि आखिर अंकिता पर एक्स्ट्रा सर्विस का दबाव क्यों ओर किसके लिए बनाया गया था. इसका राज अभी भी नहीं खुल पाया है. बता दें कि अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड का बहुचर्चित मामला था. इस पर शुक्रवार को कोटद्वार कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया है और उम्रकैद की सजा सुनाई है.
जब तक जिंदा रहेंगे तब तक जेल में ही रहेंगे
बता दें कि आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग होने पर उत्तराखंड के डीजीपी दीपम सेठ का ताजा बयान सामने आ रहा है. उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए बयान में कहा कि “पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसी के साथ ही सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए थे। सभी सबूतों और गवाहों की बारीकी से जांच करने के बाद चार्जशीट दाखिल कर कोर्ट में पेश की गई और फिर सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. इससे यह स्पष्ट है कि जब तक आरोपी जिंदा हैं, वे जेल में ही रहेंगे।
VIDEO | Ankita Bhandari murder case: Uttarakhand DGP Deepam Seth says, “Due to the police’s immediate action, all three accused were arrested within 24 hours. CM Pushkar Singh Dhami directed to form an SIT, considering the seriousness of this incident. After carefully examining… pic.twitter.com/W1HyOVJYNx
— Press Trust of India (@PTI_News) May 31, 2025
SIT ने की पूरे मामले की जांच
बता दें कि पूरे मामले की जांच एसआईटी ने की और 500 पन्ने की चार्ज शीट दाखिल की थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत और शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए. 21 सितंबर 2022 को मुख्य आरोपी रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य के साथ ही मैनेजर सौरभ भास्कर और डिप्टी मैनेजर अंकित गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया था. यही नहीं मुख्य आरोपी पुलकित आर्य के पिता पूर्व राज्य मंत्री विनोद आर्य और उसके भाई अंकित आर्य को पद मुक्त करते हुए भाजपा से निष्कासित कर दिया गया.
तो वहीं 24 सितंबर 2022 को अंकिता का शव ऋषिकेश की चीला नहर से बरामद हुआ था. मामले को लेकर लोग सड़क पर उतर आए थे और न्याय के लिए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कड़ी सजा देने की मांग कर रहे थे. तो वहीं 24 सितंबर 2022 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर SIT का गठन कर पूरे मामले की जांच सौंप दी थी.
एक्स्ट्रा सर्विस का बनाया जा रहा था दबाव
मालूम हो कि घटना वाले दिन अंकिता भंडारी ने अपने मित्र पुष्पदीप को रिजॉर्ट में किसी वीआईपी के आने की जानकारी दी थी और पुष्पदीप को बताया था कि पुलकित आर्य उस पर एक बड़े वीआईपी को एक्स्ट्रा सर्विस देने के लिए दबाव बना रहा है, जिसके लिए वह तैयार नहीं हो रही थी लेकिन पुलिस वनंत्रा रिजॉर्ट के आस-पास 40 हजार फोन की लोकेशन और 800 सीसी टीवी कैमरा खंगालने के बाद उस वीआईपी तक नहीं पहुंच सकी है और अभी भी ये एक राज ही बना हुआ है.
अंकिता थी रिसेप्शनिस्ट
मालूम हो कि 19 साल की अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी जिले के डोभ श्रीकोट गांव की रहने वाली थी और ऋषिकेश के पास गंगा भोगपुर में वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम किया करती थी. वह 18 सितंबर 2022 को अचानक रिसोर्ट से लापता हो गई थी. परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट राजस्व पुलिस चौकी में दर्ज कराई थी लेकिन मामले में जल्द और उचित कार्रवाई न हो पाने के कारण 21 सितंबर 2022 को मामला लक्ष्मण झूला थाना पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया.
फूट-फूट कर रोई मां
बता दें कि कोर्ट का फैसला आने से पहले अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी और पिता ने न्याय की गुहार लगाई थी. उन्होंने कहा था कि वो चाहते हैं कि अंकिता के हत्यारों को फांसी की सजा मिले. हालांकि आरोपियों को केवल उम्रकैद मिलने पर अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने फिर से गुहार लगाई है कि आरोपियों को फांसी की सजा मिले.