Holi Best Wishes: रंग से रंग जाए दुनिया सारी…फाग गीतों से दें अपनों को होली की शुभकामनाएं
Holi Best Wishes: होलिका दहन के साथ ही लोगों पर होली के रंगों का खुमार चढ़ने लगता है. आज सुबह से ही लोग एक-दूसरे को होली की बधाई देने में लगे हुए हैं. इसी बीच कवियों के फाग गीत भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं. तो वहीं जाने-माने कवि जयराम जय और मुरली परिहार ने अपनी कविताओं से लोगों को होली की ढेर सारी शुभकामनाएं दी हैं तो आप भी इन संदेशों को अपने इनबाक्स में शामिल कर अपनों को एक शानदार बधाई संदेश भेज सकते हैं.

फाग गीत-कवि जायराम जय
गात-गात में लिख रहा,फागुन प्रणय निबंध ।
टूट गये सब उम्र के,अनायास प्रतिबंध ।।
अंग-अंग में बस गया,फागुन वाला रंग।
चाल मदभरी हो गयी,यौवन ग्रसे अनंग।।
सुमनों के बंधन बंधी,यौवन रूपसि डाल।
आमंत्रण पथ की पथिक,प्रणय निवेदित चाल।।
लाल-लाल चमके चटक,गोरे-गोरे गाल।
प्रियतम दृग पूछें कहो,किसने मला गुलाल।।
सांसो की शहनाइयां,गूंजी जमकर साथ।
अंग-अंग ढीले हुए, लिए हाथ में हाथ।।
अधर-अधर पर धर दिये,जोड़ नैन से नैन।
संयम सहसा ढह गया,मिला न फिर भी चैन।।
गीली जब चूनर हुई,चढ़ा रंग पे रंग।
एक कहानी लिख गयी,होली हो ली संग।।
आपको होली की हार्दिक शुभकामनाएं

होली खेलो सबके साथ-कवि मुरली परिहार
होली खेलो सबके साथ,
होली खेलो सबके साथ,
जाति धर्म का भेद भूलकर,
पकड़ो सबका हाथ ।

ये संसार मोह की जननी,
पैदा करती माया,
आना है और जाना सबको,
अपना कौन पराया,
क्षण भंगुर सा जीवन सबका,
सबसे कर लो बात।
होली खेलो सबके साथ….

रूप अलग है, रंग अलग है,
खून का रंग है एक,
बोली भाषा अलग अलग है,
प्रेम का ढंग है एक,
प्यार के रंग में रंगी चुनरिया,
ओढ़ो सबके साथ ।
होली खेलो सबके साथ….

कश्मीर से कन्या कुमारी,
अपना भारत देश,
प्रेम, अहिंसा, सदभाव का,
देता ये संदेश,
विश्वगुरु है भारत अपना,
मूलमंत्र विश्वास ।
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