AI क्या खत्म कर रहा है हमारी क्रिएटिविटी…? नवोन्मेष में मंथन-Video
Artificial Intelligence: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का जैसे-जैसे दायरा बढ़ता जा रहा है, इससे होने वाले दुष्प्रभावों पर भी चर्चा शुरू हो गई है. उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले में आज यानी 12 सितम्बर को डिजिटल आशीष और सशक्त फाउंडेशन द्वारा आयोजित चर्चित कार्यक्रम ‘नवोन्मेष… कुछ तो कहो – सत्र 24’ का आयोजन किया गया जिसका विषय था फेक आर्ट, फास्ट कंटेंट – क्या एआई हमारी क्रिएटिविटी खत्म कर रहा है? (Fake Art, Fast Content: Is AI Killing Our Creativity?)
कार्यक्रम के आयोजनकर्ता एडवोकेट शुभम द्विवेदी एवं आशीष शुक्ला ने बताया कि बढ़ता एआई का दौर छोटे बच्चों के लिए खतरनाक बन सकता है. आने वाला दौर भयावह हो सकता है. जब बच्चे माता पिता गुरु से ज्यादा एआई पर भरोसा करेंगे और सही गलत का फैसला भी एआई से पूछ कर करेंगे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पर्यवेक्षक वरिष्ठ पत्रकार व डिजिटल क्रिएटर अर्चना शुक्ला मौजूद रहीं और उन्होंने भी आने वाले समय में एआई के खतरे को गिनाया. अर्चना शुक्ला ने बताया कि एआई से अगर लाभ है तो नुकसान भी है. अगर इसके दुष्प्रभावों से बचना है तो इसको आदत में शामिल न करें और इसके आदी न बनें. तभी आपकी रचनात्मकता बनी रह सकती है.
इस मौके पर अन्य वक्ताओं ने कहा कि एआई काम को तेज करता है लेकिन सोचने की ताकत, मौलिकता और अनुभव की जगह नहीं ले सकता। इस अवसर पर वक्ताओं के रूप में सत्यम, शिवम, विकास गुप्ता, शिवा तिवारी, सोनम वर्मा, निलय निशंक, एडवोकेट निहाल आदि मौजूद रहे.
*नवोन्मेष-कुछ तो कहो के 24वें सत्र में एआई और कृत्रिम रचनात्मकता पर मंथन*#Lucknow सशक्त फाउंडेशन द्वारा आयोजित चर्चित कार्यक्रम ‘नवोन्मेष… कुछ तो कहो – सत्र 24’ का आयोजन।इस सत्र का विषय था फेक आर्ट, फास्ट कंटेंट – क्या एआई हमारी क्रिएटिविटी खत्म कर रहा है #AIRobotics #AI pic.twitter.com/QuvpqS0Mi5
— Archana Sharma Shukla (@archanasharmas6) September 12, 2026
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