पति ने बढ़ाया हौसला तो छू लिया आसमान…जानें कौन हैं दृष्टिबाधित खिलाड़ी सिमरन शर्मा? सोशल मीडिया पर जमकर हो रही हैं वायरल-Video
Simran Sharma in Asian Para Games 2026: जापान में के आइची-नागोया में 18 से 24 अक्टूबर तक एशियन पैरा गेम्स 2026 का आयोजन हो रहा है जिसमें भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है.
इसी बीच भारत की फर्राटा धाविका दृष्टिबाधित खिलाड़ी सिमरन शर्मा ने बुधवार को 12.02 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ महिला 100 मीटर टी12 स्पर्धा जीतकर एशियाई पैरा खेलों का अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता तो वहीं सिमरन ने मंगलवार को खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ 200 मीटर स्पर्धा में स्पर्धा पदक जीता था और इसी के बाद से सिमरन की कहानी लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.
इंस्टाग्राम पर वायरल एक वीडियो में सिमरन ने अपने पति को इसका पूरा क्रेडिट दिया है और उनको अपने जीवन का हीरो बताया है. वह कहती हैं कि वह दुनिया को पति की आंखों से देखती हैं. अगर वह नहीं होते तो शायद वह आज जहां पर हैं वहां पर नहीं होतीं. इसी के साथ ही सोशल मीडिया पर कई वीडियो सिमरन शर्मा के वायरल हो रहे हैं जिसमें वह अपने बच्चों के साथ प्रैक्टिस करती दिख रही हैं तो पति जूते तक उनके पैरों से उतारते हुए दिख रहे हैं.
26 वर्षीय सिमरन ने 2024 पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक जीता था और इस बार अपने नए गाइड शिवम के साथ दो गोल्ड पर कब्जा किया. उनके पूर्व गाइड उमर सैफी पर डोपिंग उल्लंघन का केस लगने के बाद उन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. तो वहीं 2023 में हांगझोउ में हुए एशियाई पैरा खेलों में सिमरन ने अपनी दोनों स्पर्धाओं में रजत पदक जीते थे.
गाजियाबाद में हुआ था जन्म
सिमरन का जन्म 9 नवंबर 1999 को गाजियाबाद के मोदीनगर स्थित कृष्ण कुंज कॉलोनी में हुआ था. वह जन्म से ही दृष्टिबाधित हैं. समय से पहले जन्म लेने के कारण उन्हें कई स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका जन्म 6 महीने में ही हो गया था. चिकित्सकों ने कहा था कि वह देख नहीं सकतीं और कभी भी स्वस्थ्य नहीं रहेंगी लेकिन सिमरन के पिता मनोज शर्मा ने हार नहीं मानी. उन्होंने सिमरन का खेल से परिचय कराया और करियर में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. नतीजतन आज पूरी दुनिया में वह एक मिसाल बन गई हैं.
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शिक्षा
सिमरन की प्रारंभिक शिक्षा रुक्मणि मोदी महिला इंटर कॉलेज, मोदीनगर से हुई. इसके बाद में नई दिल्ली के साईं जेएलएन स्टेडियम में प्रशिक्षण लिया. सिमरन ने एक साक्षात्कार के दौरान बताया कि एमएमवी स्कूल में पढ़ाई के दौरान उनके टीचर से जो शिक्षा मिली वह हमेशा काम आ रही है.
स्कूल के दिनों से ही रहीं सक्रिय
सिमरन स्कूल के दिनों से ही गेम्स में सक्रिय रहीं. कक्षा 6 में ब्लाक स्तरीय दौड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और पहला स्थान प्राप्त किया. इसके बाद वह लगातार खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर सामान्य बालिकाओं के साथ दौड़ती रहीं और पहला नंबर हासिल करती रहीं. खेल के प्रति इसी जुनून ने उनकी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना दी है.
मिल चुका है अर्जुन अवॉर्ड
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खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 2024 में सिमरन को अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है.
पदक और उपलब्धि
सिमरन ने पैरा एथलीट 2018 से हिस्सा लेना शुरू किया. प्रदेश में हिस्सा लेते हुए हर साल वह नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट रहीं। दुबई में 2021 में आयोजित चाइना ग्रां प्री और वर्ल्ड पैरा ग्रां प्री में हिस्सा लिया तो वहीं 2021 में सिमरन टोक्यो पैरालंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय पैरा एथलीट महिला बनीं हालांकि उनको पदक नहीं मिल सका. फिर उन्होंने 2022 एशियाई पैरा गेम्स में 100 मीटर और 200 मीटर टी12 स्पर्धाओं में दो रजत पदक जीते.
इसके बाद 2023 में खेलो इंडिया में हिस्सा लिया और तीन स्वर्ण पदक जीते. फिर मई 2024 में कोबे, जापान में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और स्वर्ण पदक जीता. सिमरन को सबसे बड़ी उपलब्धि 2024 पेरिस पैरालंपिक में मिली. यहां पर उन्होंने महिलाओं की 200 मीटर टी12 फाइनल में कांस्य पदक हासिल किया.
पांचवें दिन भारत
बता दें कि एशियन पैरा गेम्स में पांचवें दिन यानी 23 अक्टूबर को भारत के खिलाड़ियों ने कुल 106 मेडल जीते जिसमें से 28 स्वर्ण (Gold), 34 रजत (Silver) और 44 कांस्य (Bronze) शामिल हैं. इस तरह से भारत तालिका की सूची में चौथे स्थान पर बना हुआ है.
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