इसी वजह से वहां अफरा-तफरी मच गई और फोटोकॉपी की दुकान के बाहर नाले की जर्जर स्लैब पर अधिक भीड़ इकट्ठा हो गई जिससे स्लैब भार नहीं सह पाई और टूट गई.

चालक और पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है और वह मौत व जिंदगी के बीच जंग लड़ रहे हैं.

किसी ने महिला को कहा कि ये कलयुगी राक्षस है मां नही है तो वहीं किसी ने कहा कि वो तो निर्दयी है ही लेकिन ये वीडियो बनाने वाला भी कम नहीं है.

संत रामपाल साल 2014 के एक हिंसा मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद 10 अप्रैल को हरियाणा के हिसार जिले की जेल से बाहर आया है.