UP News: रहस्यमय ढंग से गायब हुई योगी की मूर्ति, पुलिस को भी नहीं मालूम, अयोध्या में योगी आदित्यनाथ का मंदिर बनवाने वाला भी लापता, देखें वीडियो

September 26, 2022 by No Comments

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अयोध्या। हाल ही में (19 सितम्बर 2022) सोशल मीडिया पर अयोध्या में बनाधनुषधारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मंदिर जमकर वायरल हुआ था। इस मंदिर में योगी की मूर्ति भी लगी थी, लेकिन अब मंदिर में मूर्ति नहीं है और मंदिर बनवाने वाला भी लापता बताया जा रहा है। इसी के साथ यह भी खबर सामने आ रही है कि मंदिर कृषि विश्वविद्यालय की जमीन पर बना था।

अमर उजाला की एक रिपोर्ट के मुताबिक पूराकलंदर थाना क्षेत्र के अयोध्या-प्रयागराज हाईवे के किनारे स्थित कल्याण भदरसा मजरे मोर्या का पुरवा में निर्मित योगी मंदिर से रविवार दोपहर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मूर्ति ही रहस्यमय तरीके से गायब हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि मूर्ति पुलिस की गाड़ी से आए कुछ लोग उठा ले गए हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि मूर्ति मंदिर का निर्माण करने वाले प्रभाकर मौर्या ने खुद ही गायब कराई है। तो वहीं इस घटना के बाद से ही मंदिर बनवाने वाला प्रभाकर भी लापता बताया जा रहा है। उसका मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ आ रहा है। दूसरी ओर रविवार को राजस्व विभाग की टीम ने उक्त भूमि की पैमाइश भी की।

मालूम हो कि कल्याण भदरसा मजरे मोर्या का पुरवा में योगी मंदिर का निर्माण स्थानीय निवासी व अपने को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रचारक बताने वाले प्रभाकर मौर्या ने करवाया था। रविवार की दोपहर योगी मंदिर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिमा के रहस्यम तरीके से गायब होने की खबर जंगल में आग की तरह फैली और गांव में शोर मच गया का मूर्ति गायब हो गई।

इस पूरे मामले में प्रभाकर मौर्या के चाचा रामनाथ मौर्या सहित आसपास के लोगों व प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रविवार दोपहर नीली बत्ती लगी हुई पुलिस की गाड़ियां आईं और मूर्ति को मंदिर से उठाकर अपने साथ ले गईं। वहीं, प्रभारी निरीक्षक पूराकलंदर राजेश सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मूर्ति कौन और कहां ले गया, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। बताया जा रहा है कि संभावना है कि प्रभाकर ही अपने साथ मूर्ति ले गया हो क्योंकि अब उसका कोई पता नहीं चल रहा है। उसका मोबाइल भी बंद बता रहा है। फिलहाल पुलिस प्रभाकर का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

मंदिर बना है कृषि विवि की जमीन पर
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को सोहावल तहसील के प्रशासनिक अमले ने राजस्व निरीक्षक की मौजूदगी में मंदिर स्थल के आसपास के भूखंड की पैमाइश की तो यह जानकर हैरान रह गए कि मंदिर कृषि विश्वविद्यालय की जमीन पर बना हुआ है। जांच में सामने आया कि योगी मंदिर का एरिया करीब एक बिस्वा से कम ही है परंतु मंदिर से सटा सरकारी भूमि का रकबा गाटा संख्या 32 और 36 का क्षेत्रफल 4.0 82 हेक्टेयर, यानी करीब 40 बीघा से अधिक है। बगल में गाटा संख्या 37 में स्थापित शनि देव के मंदिर का रकबा कुल 34 हेक्टेयर है।

मंदिर भूखंड स्थल की पैमाइश में जुटी सोहावल तहसील की टीम का नेतृत्व कर रहे राजस्व निरीक्षक दयाराम वर्मा ने मीडिया को बताया कि जिस भूमि और क्षेत्रफल में योगी मंदिर स्थापित किया गया है, वह जमीन आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के नाम से दर्ज है। उसकी गाटा संख्या 32 और 36 है। कुल रकबा लगभग 40 बीघा से अधिक है। जबकि बगल में स्थापित गाटा संख्या 37 में शनिदेव का मंदिर है जिसका रकबा लगभग 34 बीघा है। हालांकि मंदिर करीब एक बिसवां से कम ही जमीन पर स्थापित किया गया है। बाकी की जमीन पर पहले से ही फूल पत्ती व पेड़-पौधे लगे हुए हैं।

यहां देखें वीडियो