Political News: गुलाम नबी आजाद के पार्टी छोड़ने पर कांग्रेस हुई मुखर, दिग्विजय सिंह ने डेढ़ मिनट में गिनाया उनका रिपोर्ट कार्ड, दिखा दिया आईना, पायलट ने बताया कायराना कदम, देखें वीडियो
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम बनी आजाद के इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा है कि आज पार्टी आजाद हो गई है। तो दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दग्विजय सिंह ने भी हमला बोला और खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि आपने लिखा कि भारत जोड़ो अभियान न चलाकर कांग्रेस जोड़ो अभियान चलाना चाहिए वो भी उस वक़्त जब आप स्वयं कांग्रेस पार्टी तोड़कर निकल गए। राहुल गांधी जी पर लगाये आपके आरोप निराधार हैं। आपने जो इस्तीफा दिया और जो पत्र लिखा है उसकी मैं घोर निंदा करता हूँ।
बता दें कि शुक्रवार को गुलाम नबी आजाद ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने कहा कि यह उस नेता का चरित्र बताता है कि, जिस व्यक्ति को पार्टी ने पिछले 30-40 सालों में किसी न किसी पद पर बनाए रखा और अब जब राज्य सभा की टिकट नहीं मिली तो छटपटाने लगे। गुलाम नबी आजाद का रिमोट कंट्रोल अब नरेंद्र मोदी के हाथ में है। पार्टी के कार्यकर्ता इनकी हंसी उड़ा रहे हैं।
गुलाम नबी आजाद ने अपने डेढ़ पन्ने के इस्तीफे में अपनी उपलब्धियां भी गिनाई हैं और दूसरी ओर कहते हैं कि वह निस्वार्थ थे। फिलहाल आज पार्टी आजाद हो गई है। बता दें कि आजाद ने सोनिया गांधी को पांच पन्नों का इस्तीफा भेजा है और पार्टी को बर्बाद करने के लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया है। इसी के साथ आजाद ने आरोप लगाया है कि पार्टी अध्यक्ष पद के लिए वे ऐसे व्यक्ति को चुनेंगे जो कठपुतली बनकर रहे और पीछे से वह खुद निर्णय लेंगे।
2020 में पार्टी में सुधार की मांग करने वाले जी- 23 नेताओं को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में गाली दी गई थी और अपमानित किया गया था। इसी के साथ आजाद ने त्याग पत्र में लिखा है कि दुर्भाग्य से पार्टी की स्थिति ऐसी हो गई है कि अब नेतृत्व सम्भालने के लिए प्रॉक्सी का सहारा लिया जा रहा है। यह प्रयोग भी पूरी तरह से विफल ही होगा। पार्टी पूरी तरह से बर्बाद हो गई है और अब स्थिति हाथ से निकल चुकी है। इसी के साथ कहा कि चुना गया अध्यक्ष किसी कठपुतली से कम नहीं। इसी के साथ यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा को तथा राज्य स्तर पर क्षेत्रीय दलों को स्थान दिया। इसी के साथ राहुल गांधी का बिना नाम लिए आरोप लगाया कि यह सब इसलिए हुआ क्योंकि पिछले आठ वर्षों में पार्यी नेतृत्व ने शीर्ष पर एक गैर-गम्भीर व्यक्ति को बिठाने की कोशिश की है। इसी के साथ यह भी आरोप लगाया कि जिन 23 वरिष्ठ नेताओं ने पत्र लिखकर पार्टी की कमजोरी बताई और उपचार बताया, उन्हें ही अपराधी बना दिया गया।