Delhi Metro: मेट्रो में भूल से भी न करना ये गलती…भरना पड़ जाएगा भारी-भरकम जुर्माना
Delhi Metro Fine: भारत की सबसे बड़ी मेट्रो दिल्ली मेट्रो है और प्रतिदिन लाखों लोग इसके माध्यम से लम्बी दूरी का सफर तय करते हैं. दिल्ली एनसीआर के लोगों के लिए दिल्ली मेट्रो किसी लाइफ लाइन से कम नहीं है. दिल्ली मेट्रो अब कल 400 किलोमीटर का पूरा क्षेत्र कवर करती है. दिल्ली में पहली मेट्रो रेड लाइन पर चली थी. साल 2002 में दिल्ली मेट्रो के दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की स्थापना हुई थी.
तो वहीं मेट्रो साफ-सुथरी रहे और किसी तरह की कोई गलत हरकत न कर सके, इसके लिए DMRC ने कुछ नियम बनाए हैं, जिसको दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले हर यात्री को मानना होता है. अगर कोई नियमों का उल्लंघन करता है तो डीएमआरसी इन लोगों पर कार्रवाई करता है और जुर्माना भी लगाता है.
भूल कर भी न करें ये काम
मेट्रो के अंदर यात्रियों के लिए किसी भी इमरजेंसी के लिए मेट्रो ने कुछ इंतजाम भी किए हैं. मसलन मेट्रो में बीच सफर अगर किसी यात्री की तबीयत खराब हो जाती है या फिर किसी को मेडिकल इमरजेंसी पड़ती है तो इसके लिए इमरजेंसी अलार्म लगाया गया है, जिसका इस्तेमाल करके कोई भी यात्री मदद ले सकता है या सूचना दे सकता है. इमरजेंसी अलार्म से यात्री सीधे मेट्रो चालक से बात कर सकता है लेकिन कई लोग मस्ती मजाक के मूड में भी इस इमरजेंसी अलार्म का यूज कर देते हैं और फिर पूरी व्यवस्था को चौपट करके रख देते हैं. ऐसे में अगर कोई इमरजेंसी अलार्म का दुरुपयोग करता है तो आरोपी पर डीएमआरसी 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाती है. ये जुर्माना मेट्रो का सबसे बड़ा जुर्माना माना जाता है.
भरने पड़ते हैं ये भी जुर्माने
मेट्रो में शराब लाने या पीने पर 200 रुपये का जुर्माना.
महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में पुरुष यात्री के चढ़ जाने पर 250 रुपये का जुर्माना.
मेट्रो में उपद्रव करने, थूकने, झगड़ा करने पर 200 रुपये का जुर्माना.
मेट्रो फ़र्श पर बैठने पर 200 रुपये का जुर्माना है.
किसी ऑफ़िशियल की ड्यूटी में बाधा डालने पर 500 रुपये का जुर्माना लगता है.
बिना टिकट यात्रा करने पर 50 रुपये का जुर्माना देना होता है.