Maharashtra: महाराष्ट्र के सांगली में भीड़ ने बच्चा चोर के शक में चार साधुओं को बेल्ट से बुरी तरह पीटा, वायरल हुआ वीडियो, चारों साधु मथुरा के हैं, जा रहे थे पंढरपुर तीर्थस्थल, कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर बोला हमला
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दिखाई दे रहा है कि एक कार में चार साधु बैठे हैं और वह अपना परिचय पत्र दिखाकर लोगों से कुछ जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। भीड़ ने कार को घेर रखा है। भीड़ में से ही कुछ लोग पहले तो साधुओं को परिचय पत्र देखते हैं और फिर कहते हैं कि गाड़ी उत्तर प्रदेश की है। इसी बीच भीड़ में से ही एक आदमी निकलता है और जबरन साधु को बाहर खींचकर बुरी तरह से पीटने लगता है। वह बेल्ट निकाल लेता है और फिर कार से नीचे गिरा देता है। इसके बाद अफरा-तफरी मच जाती है।
वीडियो महाराष्ट्र के सांगली का बताया जा रहा है, जहां भीड़ ने चार साधुओं को बच्चा चोर समझकर बेरहमी से मारा है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक यह घटना मंगलवार को पश्चिमी महाराष्ट्र के जिले सांगली की जाट तहसील के लवंगा गांव में हुई है।
बताया जा रहा है कि सभी साधु मथुरा के पंचनामा जूना अखाड़े के हैं। बताया जा रहा है कि इस पूरी घटना पर अभी तक कोई औपचारिक शिकायत पुलिस में दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि सांगली पुलिस अधीक्षक दीक्षित गेदाम ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और इस घटना को लेकर करीब 6 लोगों को हिरासत में लिया है।
लोग इस घटना को भी महाराष्ट्र के पालघर की घटना से जोड़कर देख रहे हैं। बता दें कि पालघर में तीन साधुओं की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।
अब इस घटना ने पालघर की यादें ताजा कर दी हैं और एक नया विवाद भी पैदा कर दिया है। इसी के साथ बताया जा रहा है कि इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस की सरकार और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) एक ताजा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
इस पूरी घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने मीडिया को बताया कि उत्तर प्रदेश के मथुरा के रहने वाले चार साधु एक कार में सवार थे और कर्नाटक के बीजापुर से होते हुए महाराष्ट्र में दाखिल हुए थे। वे पंढरपुर के तीर्थस्थल पर जा रहे थे। मंगलवार को वे एक स्थानीय लड़के से रास्ता पूछ रहे थे। इसी पर स्थानीय लोग भी उनके पास पहुंच गए और बच्चा चुराने वाला गिरोह समझकर उन पर हमला बोल दिया। इस वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
इस घटना के बाद से ही राजनीतिक गलियारे में सत्ता व विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने वर्तमान सत्ता को घेरते हुए सरकार की आलोचना की है और कहा है कि यह भाजपा की गंदी राजनीति का हिस्सा है कि हिंदू साधुओं की इस तरह पिटाई की गई।
पटोले ने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में भाजपा शासन कर रही है। उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री फड़णवीस भाजपा से हैं, लेकिन इस घटना के बाद से वह अब अपना चेहरा किसी को भी नहीं दिखा सकते हैं।
कांग्रेस महासचिव सचिन सावंत ने आरोप लगाते हुए कहा कि इसी तरह की घटना अप्रैल 2020 में पालघर में हुई थी, जिसमें भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी शामिल थे। सावंत ने पालघर की घटना का जिक्र करते हुए मांग की कि क्या सांगली की घटना पर सीबीआई जांच सौपैंगे, तब तो एमवीए सरकार को हिंदू विरोधी साबित करने के लिए न जाने क्या-क्या किया।
वहीं सत्तारूढ़ भाजपा के प्रवक्ता राम कदम ने इस घटना को अति भयावह और बर्बर करार दिया है और कहा कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। इस तरह का घटना राज्य में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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