INDIA:जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू कराने के लिए पति-पत्नी ने 1994 से छेड़ रखा है अनोखा अभियान, 250 शहरों में कर चुके हैं उल्टी पदयात्रा, आज पहुंचे लखनऊ, अब तक प्रधानमंत्री को भेज चुके हैं एक लाख पोस्टकार्ड और 6 हजार ज्ञापन, लेकिन नहीं जागी सरकार, देखें वीडियो
लखनऊ। भारत में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू कराने के लिए मेरठ के पति-पत्नी ने एक अनोखा अभियान छेड़ रखा है। करीब 25 सालों से चला रहे इस अभियान के तहत भारत के 150 से अधिक शहरों में उल्टी पदयात्रा कर चुके हैं। इसी के साथ ही प्रधानमंत्री को करीब एक लाख पोस्टकार्ड व करीब 6 हजार ज्ञापन भेज चुके हैं, फिर भी सरकार की कान में अभी तक जूं नहीं रेंगी और दिन पर दिन बढ़ती आबादी जागरूक लोगों की चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि दिन पर दिन प्राकृतिक संसाधन खत्म हो रहे हैं।
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देश हित में इस अभियान को छेड़ा है मेरठ के रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश तलवार और उनकी पत्नी दिशा तलवार ने। अभी तक 150 से अधिक शहरों में पदयात्रा कर चुके मेरठ के सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश तलवार व दिशा तलवार आज अपनी यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंच रहे हैं और दोपहर 12 बजे जिलाधिकारी कार्यालय में इसको लेकर जागरूकता अभियान चलाएंगे। 25 सालों से जनसंख्या नियंत्रण की मुहिम चलाने वाले तलवार दंपत्ति अब तक देश के प्रधानमंत्री को करीब 1 लाख पोस्टकार्ड और करीब 6000 ज्ञापन अभी तक प्रधानमंत्री कार्यालय भेज चुके हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक देश हित में इसको लेकर कोई कदम नहीं उठाया है।
1994 से चला रहे हैं अभियान
तलवार दम्पत्ति 1994 से इस अभियान को चला रहे हैं वह जिस शहर में भी जाते हैं वहां उल्टी पदयात्रा के माध्यम से लोगों को जागरुक करते हैं और खाली पोस्टकार्डस जनता को देते हैं और पत्र में बढ़ती जनसंख्या से होने वाली हानियां देश के प्रधानमंत्री तक लिख कर पहुंचाते हैं , इसके अतिरिक्त विभिन्न शहरों में पदयात्रा के बाद वहाँ के जिलाधिकारी के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को पत्र भेजते हैं। परंतु दुर्भाग्य से हजारों की संख्या में पत्र भेजने के बाद भी आज तक किसी भी राजनीतिक दल और नेता ने उनके किसी भी पत्र पर गंभीरता नहीं दिखाई है।
तो इस जानकारी के बाद आया इस कार्य को करने का विचार
दिनेश तलवार ने बताया कि करीब 28 साल पहले वह नगर निगम में एक जुलूस निकल रहा था, जिसमें हम भी हिस्सा बन गए। इसी दौरान सुना कि एक नगर निगम अधिकारी ने एक व्यक्ति से कह रहे हैं कि तुम्हारे शहर की आबादी इतनी ज्यादा है कि हमारे पास उतने कर्मचारी सफाई करने के लिए नहीं है। इस देश की आबादी इतनी तेजी से बढ़ रही है कि कोई ध्यान नहीं दे रहा है और न ही कोई आवाज उठा रहा है। यह सुनने के बाद ठान लिया कि जिस मुद्दे पर कोई काम नहीं कर रहा है, उस पर हम अभियान चलाएंगे।
बच्चों को भी किया अभियान में शामिल
1994 से इस अभियान को उनके परिवार का पूरा समर्थन रहा है। उनकी बिटिया सिमरन तलवार और बेटा यश तलवार इस मुहिम में हमेशा उनके साथ रहे हैं। दिशा तलवार का कहना है कि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से हमको आशा है कि वह हमारी बात गंभीरता से लेंगे। 1994 से लेकर अब तक हमने देश के हर प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा परंतु आज तक किसी भी प्रधानमंत्री ने मिलने का समय नहीं दिया।
एक मिनट में पैदा होते हैं 42 बच्चे
तलवार दंपति का कहना है कि जिस देश में 1 मिनट में 42 बच्चे पैदा होते हो और रोजाना 61000 बच्चों का जन्म होता है उस देश का भविष्य कैसा होगा, यह चिंता का विषय है जिस पर चिंता और चिंतन सरकार कभी नहीं करती। 1994 से लेकर अभी तक तमाम सरकारें आई और गईं, लेकिन किसी ने भी इस बारे में नहीं सोचा। फिलहाल मोदी सरकार से कुछ उम्मीद दिखाई दे रही है।
आजादी के बाद से अभी तक रफ्तार से बढ़ी आबादी
आजादी के वक्त आबादी 33 करोड़ थी और आज 138 करोड़ को पार कर गई है। जिस दिन से मोदी जी देश के प्रधानमंत्री ने शपथ ली है उस दिन से दिशा तलवार व दिनेश तलवार रोजाना देश के प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड लिखते हैं यह अभियान 365 दिन तक चलेगा इसके अतिरिक्त 250 शहरों में पदयात्रा कर चुके तलवार दंपत्ति देश के 365 शहरों की पदयात्रा करेंगे और लोगों से अपील करेंगे कि वह देश के प्रधानमंत्री को जनसंख्या वृद्धि पर पत्र लिखें उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर सरकार जनसंख्या नियंत्रण क्यों नहीं बनाती। जनसंख्या वृद्धि पर कार्य करने वालों को कोई पुरस्कार नहीं देती।

अभियान के लिए बिजनेस बंद कर अपनाया दूसरा पेशा
दिनेश तलवार बताते हैं कि कभी-कभी तो लगता है कि सरकार नहीं सुनेगी, तो मन थक जाता है, लेकिन फिर से देश की आने वाली पीढ़ियों की याद आती है तो अभियान में ये सोचकर जुट जाते हैं कि कभी न कभी तो सरकार तक हमारी बात पहुंचेगी। सरकार को 2 बच्चे वाले परिवार को ही किसी भी सरकारी योजना का लाभ देना शुरू कर देना चाहिए। पाठ्यक्रम में बढ़ती जनसंख्या से होने वाली हानियां बताई जाए और ना जाने कितने ही सुझाव इस देश के महान नेताओं को भेजे जा चुके हैं परंतु आज तक सरकार ने इस मुद्दे पर अपनी आंखें बंद कर रखी है।
मेरठ निवासी दिनेश दिशा तलवार बताते हैं कि इस अभियान के आड़े आ रहे अपने बिजनेस को बंद करने के बाद उन्होंने इंश्योरेंस का काम शुरू किया। वह कहते हैं कि प्रतिदिन वह एक पत्र देश के प्रधानमंत्री को लिखते हैं। कई बार सत्याग्रह कर चुके मानव श्रखंला और उपवास, नुक्कड़ नाटक प्रदर्शन अनेकों माध्यम से जनता को जागरुक कर चुके हैं। हम दो हमारे दो , छोटा परिवार सुखी परिवार, जैसे नारे भी अब दीवारों पर बसों पर लिखा हुआ नजर नहीं आता। देश की बढ़ती आबादी से प्राकृतिक संसाधन खत्म हो रहे हैं, जो कि चिंता का विषय है। अगर ऐसा ही रहा, तो एक दिन खाना-पानी सब खत्म हो जाएगा। जरा सोचिए तब क्या होगी स्थिति?