LUCKNOW: मुख्यमंत्री का आदेश ठेंगे पर, राजधानी में फलफूल रहे हैं फर्जी मान्यता प्राप्त इंटर कॉलेज, शिक्षाधिकारी नहीं कर रहे कोई कार्रवाई, देखें वीडियो, शिक्षकों ने क्या लगाए आरोप
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में फर्जी मान्यता प्राप्त इंटर कॉलेज खूब फल-फूल रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्जी बिना मान्यता वाले विद्यालयों पर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए हैं, बावजूद इसके शिक्षाधिकारी इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
यह आरोप प्रेस वार्ता कर लगाया है उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री एवं प्रवक्ता डा. आरपी मिश्र, जिलाध्यक्ष डा. आरके त्रिवेदी एवं जिला मंत्री महेश चन्द्र ने। उन्होंने आरोप लगाया कि माफियाओ द्वारा सेन्टीनियल इण्टर कालेज, लखनऊ के लगभग 500 छात्रों को सड़क पर कर दिया गया है। इसी के साथ घोषणा की कि इन विद्यार्थियों का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित कराने के साथ ही सेन्टीनियल इण्टर कालेज की हजारों करोड रूपये की सम्पत्ति, भूमि एवं भवन पर कब्जा करने के उद्देश्य से सेन्टीनियल इण्टर कालेज के स्थान पर मैथाडिस्ट चर्च नामक फर्जी स्कूल के लगाए गए बोर्ड को हटाकर सेन्टीनियल इण्टर कालेज का पूर्ववत संचालन सुनिश्चित कराने के लिए विद्यालय इकाई एवं जिला संगठन चरणबद्व संघर्ष करेगा। मुख्य रूप से विश्वजीत सिंह, मीता श्रीवास्तव, आजाद मसीह, सुमित अजय दास, राजीव डी दयाल, संजय सिंह, सुमित राजन, सायमन चरण, दीपक मैकनाईट, स्वप्निल वाटसन, क्रिश्चियन कालेज ऑफ फिजिकल एजूकेशन के प्राचार्य जेजे जोजफ आदि उपस्थित रहे।
संघर्ष के पहले चरण में 11 जुलाई, 2022 को जनपद के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रत्येक शाखा इकाई अन्तिम कालांश में बैठक कर सेन्टीनियल इण्टर कालेज से माफियाओं का कब्जा हटाकर विद्यालय के छात्रों का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित कराने तथा विद्यालय को पूर्ववत संचालित किए जाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री, एवं माध्यमिक शिक्षा, राज्यमंत्री को ई-मेल पर भेजकर तत्काल प्रभावी कार्यवाही की मांग करेगा।
संघर्ष के दूसरे चरण में 16 जुलाई, 2022 को संयुक्त शिक्षा निदेशक, कार्यालय पर आयोजित धरना के अवसर पर सेन्टीनियल इण्टर कालेज को माफियाओं से मुक्त कराने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। इसी के साथ कहा गया कि छात्रहित में विद्यालय के शिक्षको ने निर्णय लिया है यदि दिनांक 07 जुलाई से विद्यालय मूल भवन के अन्दर छात्रों का प्रवेश सुनिश्चित नही किया जाता है तो शिक्षक विद्यालय गेट पर छात्रों को पढ़ाना शुरू कर देंगे।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा एक ओर स्कूल चलो अभियान चलाया जा रहा है वही दूसरी ओर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में माफियाओं द्वारा सेन्टीनियल इण्टर कालेज पर कब्जा कर विद्यालय में छात्रों के प्रवेश को रोका जा रहा है। आश्चर्य है कि सूचित होने के बाद भी पुलिस प्रशासन एवं शिक्षाधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नही की जा रही है।
29 मार्च को दर्ज रिपोर्ट पर अभी तक नहीं हुई कार्रवाई
शिक्षक नेताओं ने आरोप लगाया कि विद्यालय के मान्य प्रबन्धक डा. (प्रो.) आरआर लायल ने दिनांक 29 मार्च, 2022 को वजीरगंज थाने में एफआईआर सं. 0078 दर्ज कराई थी किन्तु पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य राजीव दयाल ने 30 जून, 2022 को सेन्टीनियल इण्टर कालेज के फर्जी प्रधानाचार्य वीरेन्द्र कुमार के विरूद्व एफआईआर सं. 0181 तथा दूसरी एफआईआर सं. 0182 फर्जी प्रबन्धक अर्णिमा रिसाल सिंह व अन्य के विरूद्व दि0 30 जून, 2022 को दर्ज कराई किन्तु कोई कार्यवाही नही हुई, जिससे माफियाओं के हौसले बुलन्द है और यहॉ तक कि जुलाई से छात्रों का विद्यालय में जबरिया प्रवेश रोक दिया गया है।
इन अवैध कब्जों पर क्यों नहीं चल रहा है मुख्यमंत्री का बुलडोजर
शिक्षक नेताओं ने आश्चर्य व्यक्त किया कि प्रदेश में मुख्यमंत्री द्वारा माफियाओं पर बुल्डोजर चलवाए जा रहें है किन्तु राजधानी लखनऊ में लखनऊ क्रिश्चियन कालेज एवं सेन्टीनियल इण्टर कालेज की लगभग 30 हजार करोड़ रूपये की सम्पत्ति पर कब्जा करने के लिए डिप्टी रजिस्ट्रार ने सांठ-गांठ कर फर्जीवाड़ा करने वाले माफियाओं के विरूद्व उनका बुलडोजर आखिर क्यों शांत है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मण्डलायुक्त, लखनऊ द्वारा संयुक्त शिक्षा निदेषक, लखनऊ मण्डल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जॉच समिति गठित की गई। मण्डलायुक्त द्वारा जॉच रिपोर्ट को शासन भेजे जाने के बावजूद आज तक कोई प्रभावी कार्यवाही नही की गई। इसीलिए जिला संगठन ने चरणबद्व आन्दोलन जारी रखने का निर्णय किया है।