नीट-यूजी पेपर लीक के सवाल पर मुंह फेर कर चले गए शिक्षामंत्री…Video वायरल; दोबारा परीक्षा पर NTA DG का बड़ा बयान

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NEET-UG Exam: नीट-यूजी पेपर लीक और फिर परीक्षा रद्द होने को लेकर देश भर में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और छात्रों की मांग है कि पेपर रद्द न किया जाए, उन्होंने बड़ी ही मेहनत से तैयारी के बाद परीक्षा दी थी. तो वहीं सवाल खड़े हो रहे हैं कि इतनी बड़ी परीक्षा आखिर क्यों और कैसे पेपर लीक का शिकार हो रही है तो वही परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों के मन में सवाल है कि आखिर कब ये परीक्षा होगी?

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया ने पेपर लीक के बारे में केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान से जानना चाहा लेकिन वह मीडिया का जवाब दिए बिना ही कार में बैठ कर चले गए. इस पर शिक्षामंत्री की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है. सोशल मीडिया यूजर्स शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं तो वहीं कांग्रेस ने भी धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगा है.

तो वहीं दिल्ली सहित देश के तमाम हिस्सों में छात्रों ने परीक्षा रद्द होने को लेकर प्रदर्शन किया और पूछा कि आखिर कब परीक्षा होगी? तो इसी बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से आयोजित नीट-यूजी 2026 की परीक्षा रद्द होने के बाद एनटीए डीजी अभिषेक सिंह का बयान सामने आया है. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कई सवाल के जवाब दिए हैं.

मालूम हो कि नीट की तीन मई को हुई परीक्षा से पहले ही इसके पेपर के अधिकतर सवाल लीक हो गए थे और इसके बाद जांच की गई. इसके बाद मेडिकल की बड़ी परीक्षा को रद्द दिया गया. इसी के साथ ही इसकी जांच सीबीआई को भी सौंप दी गई.

एनटीए डीजी अभिषेक सिंह ने दिए इन सवालों के जवाब

पहला सवाल- क्या लीक हुआ है नीट-यूजी 2026 का पेपर?

जवाब- इस पेपर के चार वर्जन होते हैं और इनमें से एक भी लीक नहीं हुआ है. यानी ये मार्केट में नहीं आया है. पीडीएफ जो सामने आया है, उसमें से कई सवाल ऐसे थे, जो पेपर से मिलते थे. इसलिए यहां करना चाहूंगा कि पूरा पेपर लीक नहीं हुआ है लेकिन यहां यह भी कहूंगा कि अगर एक भी सवाल हमारे प्रश्नपत्र से मैच करता है तो इससे हमारी जीरो टॉलरेंस और जीरो एरर की प्रतिबद्धता है, उसका उल्लंघन होता है. यानी हमारी पूरी प्रक्रिया का उल्लंघन होता ह. इसलिए इसकी जिम्मेदारी लेते हुए उस पर कार्रवाई की जाएगी.

दूसरा सवाल- परीक्षा रद्द क्यों हुई? पेपर लीक की बात एनटीए को कब पता चली?

जवाब-लीक से जुड़ी खबर हमें 7 मई को मिली. इसके बाद हमने इन दिनों में केवल इसकी सच्चाई के बारे में पता लगाया. सीबीआई का यह कार्य है कि पेपर लीक का तरीका क्या था. पेपर लीक कहां-कहां हुआ, कैसे हुआ, किस राज्य में हुआ? यह सब जानकारी सीबीआई को देनी है. चूंकि यह प्रक्रिया का उल्लंघन इतनी हद तक था कि परीक्षा हमें रद्द करने का फैसला लेना पड़ा.

तीसरा सवाल- पेपर लीक घटनाओं पर क्या कहेंगे?

जवाब- यह दुर्भाग्यपूर्ण है. पेपर लीक का ये सिलसिला तत्काल प्रभाव से खत्म होना चाहिए. जो हुआ गलत हुआ है. यह किसी के लिए श्रेयस्कर नहीं है. हम यह एश्योरेंस देना चाहते हैं कि कोई अनियमितता होती है तो हम परीक्षा को रद्द करेंगे और फिर इसको पूरे साफ ढंग से कराएंगे.

चौथा सवाल- दोबारा पेपर के लिए क्या कहेंगे?

जवाब-पेपर कराने के लिए किसी भी तारीख को तय करने के लिए मैं अपनी टीम के साथ बैठूंगा. हालांकि प्रयास है कि हम कम से कम समय में परीक्षा करा लें, ताकि जो अकादमिक कैलेंडर है, जो मेडिकल कॉलेजों का एडमिशन शेड्यूल हो, उस पर किसी तरह की कोई आंच न आए. इसको लेकर अगले 7 से 10 दिन में हम शेड्यूल बता देंगे.

पांचवां सवाल- क्या एनटीए के अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है?

जवाब- कोई भी आदमी चाहे अंदर का हो या बाहर का, हमारी अपील सीबीआई से है कि जो भी हो उसे सजा दिलाई जाए. ताकि इस तरह की समस्या को जड़ से खत्म किया जाए. एक अप्रैल को मैं आया हूं. फिलहाल अभी अगर मैं सिस्टम के बारे में कुछ कहता हूं या दोषी बताता हूं तो ये प्री-जजमेंट होगा. फिलहाल तो हम सीबीआई से निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से जांच की अपील कर रहे हैं. सीबीआई अगर एनटीए के किसी भी अधिकारी से पूछताछ करना चाहेगा, उसे पूरी तरह से छूट होगी.

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