Institute of Pharmaceutical Sciences: लखनऊ विश्वविद्यालय में साइंटिफिक एडवाइजरी बोर्ड का गठन, WHO-UK के वैज्ञानिकों के साथ ही कोरोन वैक्सीन तैयार करने वाले चिकित्सक सहित 10 फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रियलिस्ट व scientists का नाम शामिल, देखें सभी के नाम और कार्य
लखनऊ। भैषजिक विज्ञान संस्थान, (Institute of Pharmaceutical Sciences) लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University),लखनऊ में साइंटिफिक एडवाइजरी बोर्ड (Scientific Advisory Board) का गठन कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय के द्वारा अनुमोदित हो गया है । इस एडवाइजरी बोर्ड के गठन का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों / विद्यार्थियों को विश्ववस्तरीय शैक्षणिक एवं शोध के द्वारा वैश्विक स्तर देना है। एडवाइजरी बोर्ड के गठन में राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय उच्च स्तर के 10 प्रतिष्ठित अकडमीशन, रिसर्चर एंड फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रियलिस्ट्स को शामिल किया गया है। प्रो. पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी निदेशक आईपीएस ने बताया की अडवाइज़री बोर्ड के सदस्य ग्लोबल रैंक के है। उनके बोर्ड में शामिल होने से संस्थान का गौरव बढ़ेगा, छात्र छात्राओं एवं शिक्षकों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

देखें सभी 10 वैज्ञानिकों के नाम व कार्य
डॉ. नित्यानंद (फॉर्मर डायरेक्टर,CSIR-CDRI,लखनऊ,इंडिया) पद्मश्री से सम्मान्नित हैं। जिनके द्वारा छात्रों एवं शिक्षकों को उच्च स्तरीय वैज्ञानिक शिक्षा एवं शोध की जानकारी का अवसर प्राप्त होगा।
प्रो.नरेंद्र कुमार जैन (फॉर्मर हेड, डॉ. एचएस गौर यूनिवर्सिटी, सागर इंडिया), जो की विश्वस्तरीय प्रसिद्द शिक्षाविद हैं, जिनका एच इंडेक्स १०३ है, जिनके द्वारा छात्रों एवं शिक्षकों को फार्मूलेशन एवं ड्रग डिलीवरी की विश्वस्तरीय ज्ञान प्रदान होगा।

प्रो. पीके सेठ (फाउंडर,बायोटेक्नोलॉजी पार्क,लखनऊ,इंडिया), छात्रों को बायो टेक्नोलॉजी सम्बंधित सभी जानकारी देंगे।
डॉ. वीपी कम्बोज (फॉर्मर डायरेक्टर, CSIR-CDRI,लखनऊ, इंडिया एंड CSIR एमेरिटस साइंटिस्ट) जो की 2005-2006 में नेशनल साइंस अकेडमी ऑफ इंडिया के राष्ट्रपति रह चुके है और छात्रों एवं शिक्षकों को उच्च स्तरीय ज्ञान देने में सहयोग करेंगे।

डॉ. अजय कुमार सिंह (सीईओ, बायोटेक्नोलॉजी पार्क,लखनऊ ,इंडिया) जो की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक हैं और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। ये छात्रों को बायोटेक्नोलॉजी सम्बंधित शोध में सहयोग करेंगे।
डॉ. जीएन सिंह (फॉर्मर DCGI, CDSCO, गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया), जो की विशेषज्ञ सलाहकार हैं WHO के। सिंह इंस्टिट्यूट को एक उच्च स्तरीय प्लेटफार्म प्रदान करेंगे। छात्रों और शिक्षकों को दिशा निर्देशन मिलेगा।
प्रो. अंटोनी डी इमैनुएल (हेड ऑफ़ स्कूल, लेस्टर स्कूल ऑफ़ फार्मेसी, लेस्टर, दी मोंटफोर्ट यूनिवर्सिटी, UK),अंतराष्ट्रीय स्तर पर छात्रों को नोवेल ड्रग डिलीवरी सिस्टम से जुड़े टेक्निक्स सीखने में सहयोग करेंगे।

डॉ. संजय सिंह (सीइओ, जिनोवा बायोफार्मास्यूटिकल, इंडिया)। इन्होने इंडिया के प्रथम नवीनतम आरएनए आधारित कोरोना वैक्सीन (GEMCOVAC-19) को डेवेलप किया ये छात्रों को नए- नए वैक्सीन डेवेलपमेंट करने में ज्ञान प्रदान करेंगे।
डॉ. अजय जे खोपड़े (वाईस प्रेसिडेंट आर एंडडी, सन फार्मास्यूटिकल इंडिया, लिमिटेड गुजरात, इंडिया) 22 वर्ष का अनुभव है फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट डेवलपमेंट में। ये इंस्टिट्यूट के छात्रों के कौशल विकास में सहयोग करेंगे एवं छात्रों को नैनोटेक्नोलाजी विधि से बनने वाली दवाओं के बारें में भी ज्ञान वर्धन करेंगे।
प्रो. अलोक धवन (डायरेक्टर CBMR लखनऊ इंडिया) इन्होने छोटे अणु को जीव विज्ञान से जोड़ते हुए भविष्य की दवाओं को खोजने का काम किया जो की छात्रों क लिए एक नया अनुभव होगा।