पिछली सुनवाई के दौरान हुई बहस पूरी होने पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था जिसे जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्र की सिंगल बेंच ने सुनाया.