इस दिन जरूरतमंद लोगों को या फिर योग्य ब्राह्मण को ऊनी वस्त्र, कंबल आदि व जूते-चप्पल का दान करना चाहिए. इससे पितृ दोष शांत होता है और संतान से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं.

प्रचलित कथा के मुताबिक मान्यता है कि किसी समय भद्रावती नगरी में सुकेतु नाम का राजा अपनी पत्नी शैव्या के साथ राज करता था.

सुमुखश्चैकदन्तश्च कपिलो गजकर्णक:। लम्बोदरश्च विकटो विघ्ननाशो विनायक:।।
धूम्रकेतुर्गणाध्यक्षो भालचन्द्रो गजानन:। द्वादशैतानि नामानि य: पठेच्छणुयादपि।।