LU:लखनऊ विश्वविद्यालय के संग्रहालय में मौजूद है 11वीं शताब्दी के विभिन्न मिट्टी के बर्तन और मूर्तियां, उत्साहित इंटरनेशनल स्टुडेंट्स ने 6 संग्रहालयों में भ्रमण कर समझा भारतीय संस्कृति और इतिहास को
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) के संग्रहालय में मौजूद 11वीं शताब्दी के विभिन्न मिट्टी के बर्तन और मूर्तियों को देखकर इंटरनेशनल छात्र अचरज में पड़ गए। यहां मौजूद अन्य चीजों की भी जानकारियां लेते रहे। यहां घंटों विभिन्न देशों से आए विद्यार्थी जानकारी एकत्र करते रहे।
दरअसल यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के हालिया संबोधन से प्रेरित होकर आयोजित किया गया। इसी क्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय के मेधावी छात्र परिषद के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए एक विश्वविद्यालय स्थित संग्रहालय-विरासत यात्रा का आयोजन किया। इस गतिविधि को आयोजित करने का विचार छात्रों को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ के एक सत्र में उस उद्बोधन से उपजा जिसमे उन्होंने कहा था कि, “स्थानीय संग्रहालयों में जाकर आप दूसरों के मन में संग्रहालयों के बारे में भी उत्सुकता जगाएंगे।”
इसी क्रम मे लखनऊ विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय ने भी मेधावी छात्र परिषद के उद्घाटन सत्र मे ही सभी सदस्यों को सौ दिन के एजेंडे के साथ विश्वविद्यालय मे सांस्कृतिक और सृजनात्मक गतिविधियों के आयोजन के लिए प्रोत्साहित किया था। स्कृतिक विभेदों को एक सूत्र मे पिरोने, छात्र परिषद और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बीच भाईचारे को प्रोत्साहित करने के लक्ष्य के साथ, विश्वविद्यालय परिसर में छह संग्रहालयों के माध्यम से एक शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया, जिसमें केएस माथुर मानव विज्ञान संग्रहालय (मानव विज्ञान विभाग), नृवंशविज्ञान संग्रहालय (मानव विज्ञान विभाग), शैक्षिक संग्रहालय (भूगर्भ विज्ञान विभाग), डॉ एससी बॉघ संग्रहालय (जीव विज्ञान विभाग), पुरातत्व संग्रहालय (भारतीय प्राचीन इतिहास और पुरातत्व विभाग), और आर्ट गैलरी एवं संग्रहालय (टैगोर पुस्तकालय) शामिल रहे ।
यह दौरा पुरातत्व संग्रहालय में शुरू हुआ जहां छात्रों को 11वीं शताब्दी के विभिन्न मिट्टी के बर्तन , मूर्तियां और बहुत कुछ दिखाया गया था। जबकि भूविज्ञान विभाग के शैक्षिक संग्रहालय में छात्रों और प्रो. विभूति राय के साथ एक संवाद के साथ दौरा समाप्त हुआ। उन्होंने जीवन के विभिन्न पहलुओं में भूविज्ञान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो पूनम टंडन ने विरासत यात्रा से पहले छात्रों के साथ बातचीत की और यह सुनिश्चित किया कि मेधावी छात्र परिषद विश्वविद्यालय की आगामी गतिविधियों में उन्हें एकीकृत करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करेंगे। इस अवसर पर अपर अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ अलका मिश्रा भी उपस्थित रही तथा उनहोने अंतरराष्ट्रीय छात्रों को विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक विरासत से अवगत कराया। इस दौरान कार्यक्रम मे अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की ओर से काफी उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। भारत की संस्कृति और इतिहास से रूबरू होने के लिए वे बेहद उत्सुक दिखे। नलेनी (एमबीए), अहमद गुल (पीएचडी छात्र), मुहम्मद अमीन (बीकॉम ऑनर्स ) आदि ने इस मौके पर अपने अनुभव साझा किए।