Amitabh Bachchan: अब अमिताभ बच्चन के अंदाज और आवाज को नहीं कर पाएंगे कॉपी, कोर्ट ने दिया आदेश, जानें क्या है पर्सनैलिटी राइट्स, देखें वीडियो

November 25, 2022 by No Comments

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नई दिल्ली। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के अंदाज और आवाज आदि को अब कोई कॉमेडियन कॉपी नहीं कर सकेगा। अगर कोई ऐसा करना चाहेगा तो इसके लिए उसको उनके परमीशन लेनी होगी।

दरअसल एक विज्ञापन में इस्तेमाल की जा रही उनकी आवाज से परेशान बच्चन ने इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की शरण ली है और दिल्ली हाईकोर्ट में अपनी तस्वीर, नाम, आवाज के इस्तेमाल समेत पर्सनैलिटी राइट्स (Personality right) को लेकर एक याचिका दाखिल की है। कोर्ट में अमिताभ की तरफ से मशहूर वकील हरीश साल्वे ने दलील भी रखी है। अमिताभ ने बिना उनकी मर्जी के उनकी आवाज, तस्वीर आदि इस्तेमाल नहीं करने की अपील की थी। कोर्ट ने अमिताभ की याचिका को स्वीकार करते हुए सभी संबंधित लोगों को अभिनेता की आवाज से लेकर तस्वीरों और पर्सनैलिटी राइट्स का इस्तेमाल नहीं करने को कहा है।

मीडिया सूत्रों के मुताबिक अपने आदेश में जस्टिस नवीन चावला ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि अमिताभ एक मशहूर शख्स हैं और कई विज्ञापनों में भी आते हैं। वह ऐसे लोगों से बेहद खिन्न हैं जो उनकी पर्सनैलिटी का इस्तेमाल बिना उनकी अनुमति के अपने बिजनेस या अन्य सामान को प्रमोट करने में करते हैं। इन चीजों से अभिनेता को काफी नुकसान भी हो सकता है या हानि पहुंच सकती है। इसलिए अदालत इन सभी चीजों का ध्यान रखते हुए अंतरिम आदेश पारित करती है।

जानें क्या है पर्सनैलिटी राइट्स?
पर्सनैलिटी राइट्स किसी महिला-पुरुष की पर्सनैलिटी से जुड़ा होता है। इसके निजता के अधिकार के तहत प्रोटेक्शन मिला हुआ है। मशहूर शख्सयितों के लिए ये राइट्स काफी अहम माना जाता है, क्योंकि इन मशहूर शख्सों के नाम या प्रभाव का इस्तेमाल लोग सामान बेचने से लेकर कई अन्य चीजों के लिए करते हैं या कर सकते हैं। ऐसे में मशहूर लोगों के लिए ये जरूरी होता है कि वो अपना नाम पर्सनैलिटी राइट्स के तहत रजिस्टर करवा लें।

जानें भारतीय कानून में पर्सनैलिटी राइट्स
बता दें कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में प्राइवेसी और पब्लिसिटी से जुड़ा अधिकार समाहित है। अर्थात पर्सनैलिटी राइट्स के आस-पास का कानून है। बौद्धिक संपदा (Intellectual Property Law) कानून में भी संवैधानिक तौर पर पर्सनैलिटी राइट्स को लेकर अधिकार देती है। इसी तरह कॉपीराइट एक्ट 1957 में भी लेखकों को ऐसे ही अधिकार प्रदान किए गए हैं। इसमें अभिनेता, गायक, संगीतकार और डांसर भी शामिल हैं। अभिनेता की याचिका में कहा गया है कि लॉटरी के लिए मोबाइल अप्लीकेशन डेवलपर अमिताभ की आवाज का इस्तेमाल कर रहे हैं। यही नहीं, केबीसी के लोगों का भी गलत इस्तेमाल हुआ है। अमिताभ ने इसके अलावा केबीसी से जुड़े किताब छापने वाले पब्लिसर, टीशर्ट वेंडर और अन्य बिजनेस करने वालों पर उनकी आवाज, तस्वीर आदि के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है। इस मामले में अगली सुनवाई 2023 मार्च में होगी।

देखें इन देशों में क्या है कानून
ब्रिटेन और अमेरिका सहित तमाम देशों में पर्सनैलिटी राइट्स के लिए कोई खास कानून नहीं बनाया गया है। हालांकि, अमेरिका जैसे देश में गलत इंडोर्समेंट पर मशहूर शख्सियतों को प्रोटेक्शन का नियम जरूर है।

अब इस तरह के वीडियो नहीं बना सकेंगे कॉमेडियन