AKTU Convocation Ceremony: एक नई परम्परा की रखी गई नींव, 20 साल में पहली बार कलश स्थापना के साथ शुरू हुआ दीक्षांत समारोह, राज्यपाल ने भरा जल, जानें क्या दिया संदेश, देखें वीडियो और तस्वीरें

November 26, 2022 by No Comments

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लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) में शनिवार को एक नई परम्परा की नींव रखी गई। 20 साल में पहली बार कलश स्थापना के साथ 20वां दीक्षांत समारोह मनाया गया। राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल ने कलश में जल भरा। इस दौरान पूरा विश्वविद्यालय परिसर सनातन संस्कृति की महक के दमक रहा था तो दूसरी ओर गूंज रहे मंत्रोच्चारण विद्यार्थियों में नई उर्जा का संचार कर रहे थे और उनको भविष्य के लिए ढेरो आशीर्वाद दे रहे थे।

101 मेधावियों के दिया गया मेडल
शनिवार को आयोजित 20वें दीक्षांत समारोह में 101 मेधावियों को मेडल दिया गया। इस मौके पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता। बतौर मुख्य अतिथि जायडस लाइफसाइंस लिमिटेड के चेयरमैन पंकज आर पटेल और विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्राविधिक शिक्षा मंत्री मौजूद रहे। इस मौके पर स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों के कुल 101 एक मेधावियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक राज्यपाल सहकुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने दिया। 81 छात्र-छात्राओं को पीएचडी की डिग्री भी दी गयी। पदक पाकर सभी मेधावियों के चेहरे खिल गये। इसके अलावा नारी शक्ति पुरस्कार, विशिष्ट पुरातन छात्र पुरस्कार प्रशासन और युवा पुरातन छात्र पुरस्कार उद्यमिता दिया गया।

आपके जीवन का शुरू हुआ है नया अध्याय
इस दौरान बोलते हुए राज्यपाल सहकुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि यह दीक्षांत आपके जीवन में नया अध्याय है। जो सम्मान और शिक्षा आपको मिली है उसका सही तौर पर इस्तेमाल करना सीखना होगा। आपकी इस सफलता में सबसे बड़ा योगदान माता पिता का है। इसलिए उनका आदर और सम्मान हमेशा करते रहना। साथ ही कहा कि एक छात्र जीवन से निकलकर अब आप समाज में जा रहे हैं।

अच्छा समाज और देश बनाने में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए सबसे जरूरी है कि आप एक बेहतर नागरिक बनिए। जब आप स्वयं में अनुशासित रहेंगे तभी समाज में सकारात्मक योगदान दे सकेंगे। आचार विचार और सोच को हमेशा प्रगतिवादी रखिये। उन्होंने पदक पाने वाले छात्रों और डिग्रीधारकों को गुरूमंत्र देते हुए कहा कि काम करने के दौरान कभी भी सत्य के मार्ग को मत छोड़ियेगा। इस दौरान संघर्ष भी करना पड़ेगा।

तमाम दबाव भी आयेंगे। लेकिन जब आप अपनी नीति, सत्य और ईमानदारी पर दृढ़ रहेंगे तो सफलता निश्चित मिलेगी। यही आपकी पहचान बन जाएगी। उन्होंने छात्राओं से कहा कि किसी को जीवनसाथी बनाने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी लें। साथ ही छात्रों को भी ताकीद किया कि हमेशा सच बोलना। उन्होंने सभी पदकधारियों और छात्रों को बधाई और शुभकामना दी।

इस बार नहीं प्रज्जवलित किया गया दीप
कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार मिश्र ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। इसके पहले शैक्षणिक शोभायात्रा निकाली गयी। कार्यक्रम की शुरूआत इस बार दीप प्रज्ज्वलन की बजाय कलश में जल भरने से की गयी। यह आयोजन जल संरक्षण के प्रति जागरूकता के लिए किया गया। साथ ही नीम करोली बाबा वेद विद्यालय के बटुकों ने स्वास्तिवाचन प्रस्तुत किया। इस दौरान राज्यपाल सहकुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने अनाथालय के बच्चों और अन्य गरीब बच्चों को बैग देकर सम्मानित किया। इस मौक पर सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न के रूप में पुस्तक भेंट की गयी। धन्यवाद कुलसचिव सचिन सिंह ने दिया। इस मौके पर प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा सुभाष चंद्र शर्मा, प्रतिकुलपति प्रो. मनीष गौड़, उप कुलसचिव डॉ. आरके सिंह सहित डीन्स, डायरेक्टर और शिक्षक मौजूद रहे।

इतने मेधावियों को मिली डिग्री
दीक्षांत समारोह में अलग-अलग पाठ्क्रमों के 48348 छात्रों को डिग्री दी गई।साथ ही स्नातक के 92 और एमटेक, एमफार्मा और एमआर्क के 9 मेधावियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक दिया गया, जबकि 81 छात्र-छात्राओं को पीएचडी अवार्ड हुई। आपको बता दें कि बीटेक के 31309, बीफार्मा के 5447, बीएचएमसीटी के 200, बीआर्क के 268, बीएफएडी के 57, बीडेस के 19, एमबीए के 8273, एमसीए के 2571, एमबीए आइएनटी के 52, एमसीए आइएनटी 40, पीएचडी के 81, बीवीवोसी के 16 विद्यार्थियों को डिग्री दी गई। इस मौके पर शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।