Rahul Gandhi: “पहले गई लोकसभा की सदस्यता और अब बंगला खाली करने का मिला नोटिस”, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बढ़ी मुश्किलें
Rahul Gandhi: राहुल गांधी की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. एक ओर जहां उनकी लोकसभा की सदस्यता चली गई है और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया है तो वहीं दूसरी ओर अब सरकारी बंगला खाली कराने के लिए नोटिस भी जारी कर दिया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह नोटिस लोक सभा आवास समिति द्वारा जारी किया गया है.
बता दें कि राहुल वर्तमान में दिल्ली में 12 तुगलक लेन वाले सरकारी बंगले में रहते हैं. मीडिया सूत्रों की माने तो यह बंगला साल 2004 में राहुल गांधी को आवंटित हुआ था. यह बंगला उनको तब मिला था जब वो पहली बार अमेठी में सांसद बने थे. बता दें कि हाल ही में सूरत की एक अदालत ने राहुल गांधी को मोदी सरनेम का इस्तेमाल करने प र दो साल की सजा सुनाई है और इसी के अगले दिन उनकी लोक सभा की सदस्यता भी समाप्त कर दी गई. यह कार्रवाई जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत की गई थी. कांग्रेस नेता राहुल केरल के वायनाड सीट से सांसद थे.
मालूम हो कि राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता छिनने के बाद से देश भर में कांग्रेस ने बवाल मचा रखा है. राहुल गांधी ने रविवार को ही अपने ट्विटर हैंडल के बायो में कुछ बदलाव करते हुए लिखा था ‘डिसक्वालीफाइड सासंद’ (Dis’Qualified MP) अर्थात अयोग्य सांसद लिखा था. तो वहीं इस मामले को कांग्रेस गंभीरता से ले रही है और ‘संकल्प सत्याग्रह’ कर रही है. पार्टी के कार्यकर्ता देशभर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. सिर्फ दिल्ली ही नहीं इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस सभी जिला मुख्यालयों में एक दिन का सत्याग्रह कर रही है.
राहुल ने भाजपा पर साधा था निशाना
इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि, “लोकतंत्र पर आक्रमण हो रहा है. सवाल पूछता हूं कि अडाणी जी की कंपनी में 20 हजार करोड़ का निवेश कहां से हुआ और किसने किया? मैंने ये आरोप संसद में लगाए और मीडिया में छपे प्रूफ भी दिखाए. मैंने यह भी पूछा कि अडाणी जी और मोदी जी के बीच रिश्ता क्या है. मैंने यह भी बताया कि इनका रिश्ता काफी पुराना है. जब मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब से यह रिश्ता दोनों (गौतम अडाणी और पीएम मोदी) के बीच है.”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने करीब आधे घंटे की प्रेस कॉन्फ्रेंस में 17 बार गौतम आडाणी की कंपनी में कथित रूप से 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश की बात कही. उन्होंने हर बार इस बात को रिपीट किया कि गौतम अडाणी के पास 20 हजार करोड़ रुपये कहां से आए.