“मेरे बच्चे को इंसाफ दिला दीजिए…” AI इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के बाद मां का रो-रो कर हुआ बुरा हाल…ससुरालवालों ने कैमरे पर कही ये बात-Video
Atul Subhash After Suicide Case: बेंगलुरु के 34 साल के AI इंजीनियर अतुल सुभाष का आत्महत्या से पहले बनाया जाने वाला वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है तो वहीं उनकी मौत के बाद उनकी मां ने रो-रो कर अपने बेटे के लिए इंसाफ मांगा है. तो दूसरी ओर सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें अतुल सुभाष के ससुरालवालों यानी उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया के घरवाले छत पर दिखाई दे रहे हैं और मीडियाकर्मी उनसे नीचे से वीडियो बनाते हुए उनसे नीचे आने को कह रहे हैं.
Atul Subhash’s father telling about what his son going through.
Even atul’s mother health become unwell after seeing Nikita’s behaviour.#JusticeForAtulSubhash #MenToo #NikitaSinghania #JusticeIsDue pic.twitter.com/BLkHsGMH9t— Sara (@tap4info) December 10, 2024
इस पर ससुरालवाले कह रहे हैं कि जब उनके वकील और पुलिस साथ में होगी, तब वे बात करेंगे. इस वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि उनको अपने दामाद की मौत का कोई गिला-शिकवा नहीं है. तो वहीं इस पूरे मामले में अभी तक उनकी पत्नी का बयान सामने नहीं आया है. फिलहाल ये मुद्दा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और अतुल सुभाष के लिए न्याय की बात कह रहे हैं. मालूम हो कि करीब डेढ़ घंटे का वीडियो बनाने के साथ ही उन्होंने 24 पन्नों का सुसाइड नोट लिखने के बाद आत्महत्या कर ली थी. उन्होंने पत्नी और उसके परिवार पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाया है. इसी के साथ ही जज पर भी आरोप लगाए हैं. फिलहाल मृतक के भाई की शिकायत के बाद उसकी पत्नी और रिश्तेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
Unbearable pain to the family of Atul Subhash. There are no words to console you. #AtulSubhash #JusticeIsDue#JusticeForAtul #Accenture #NikitaSinghania #ReetaKaushik#MenToo #Mahindra
pic.twitter.com/zLsbUaScl9— Neeraj Ranjan (@NeerajRanjan84) December 11, 2024
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अतुल सुभाष मूल रूप से यूपी के रहने वाले थे. घटना को लेकर पुलिस ने मीडिया को दिए बयान में बताया है कि बेंगलुरु में एक निजी फर्म में अतुल सुभाष काम करते थे. वह बेंगलुरू (Bengaluru) के मंजूनाथ लेआउट इलाके में रहते थे और यहीं पर यानी अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. करीब 24 पन्नों का सुसाइड नोट अतुल ने छोड़ा है. इसमें से चार हाथ से लिखा हुआ और 20 टाइप किए गए पन्ने शामिल हैं.
निकिता सिंघानिया के परिवार की गुंडई देखों
अतुल सुभाष की आत्महत्या के ये सब जिम्मेदार है
इनको अब भी कोई अफसोस नहीं गुंडई चालू है।#JusticeForAtulSubhash #AtulSubhash #NikitaSinghania pic.twitter.com/l2Srb8nKAe
— Sushant Pandey “Sudarshan News” (@isushant_pandey) December 11, 2024
गौरतलब है कि बेंगलुरू के मंजूनाथ लेआउट में डेल्फीनियम रेजीडेंसी में रहने वाले अतुल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे. सुसाइड नोट में उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि मेरे लिए मर जाना ही बेहतर होगा, क्योंकि जो पैसे मैं कमा रहा हूं… उससे मैं अपने ही दुश्मन को बलवान बना रहा हूं. मेरा कमाया हुआ पैसा मुझे ही बर्बाद करने में लग रहा है. अगर इतने सबूतों, तमाम डॉक्यूमेंट्स, मेरे बयान के बाद भी मेरे गुनहगारों को सजा नहीं मिलती है, तो मेरी अस्थियां कोर्ट के बाहर किसी गटर में बहा देना चाहिए.”
अतुल के भाई ने लगाया ये आरोप
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, अतुल के भाई विकास कुमार ने कहा था, “मेरे भाई की पत्नी के उससे अलग होने के लगभग 8 महीने बाद, उसने तलाक का मामला दायर किया और मेरे भाई और हमारे पूरे परिवार के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत कई आरोप लगाए.” वह आगे बोले कि भारत में सभी कानून पुरुषों के बजाय महिलाओं के पक्ष में हैं और उनके भाई ने अपनी जान देने से पहले से पहले इस मुद्दे के लिए लड़ाई लड़ी थी.
एफआईआर रिपोर्ट में ये भी आरोप
अतुल के भाई द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 में दोनों की शादी हुई थी और उनका एक बच्चा भी है. कुछ समय साथ रहने के बाद दोनों ने अलग होने का फैसला किया, जिसके बाद सेटलमेंट के तौर पर अतुल की पत्नी की तरफ से 3 करोड़ रुपये की मांग की जा रही थी. भाई ने ये भी आरोप लगाया है कि अतुल की पत्नी ने उसे अपने चार साल के बेटे से मिलने के लिए 30 लाख रुपये की मांग की थी.
इन लोगों पर दर्ज हुआ मामला
फिलहाल इस मामले में अतुल सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया, उनकी मां निशा सिंघानिया, भाई अनुराग सिंघानिया और चाचा सुशील सिंघानिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. गौरतलब है कि सुसाइड करने से पहले सुभाष ने जो वीडियो बनाया है उस उन्होंने पत्नी, उसके परिवार के सदस्यों और एक जज पर उत्पीड़न, जबरन वसूली और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था.