इस पर वह फोन लेकर जैसे ही कान में लगाकर ध्यान हटाता है वैसे ही पुलिसकर्मी तेजी से युवक की ओर दौड़ कर उसे आत्महत्या करने से रोक लेता है.
घटना ने एक बार फिर लोन ऐप्स की वसूली और मानसिक उत्पीड़न को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
चौंकाने वाली बात ये है कि घटना के बाद से ही कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन फरार है. इस पर कई सवाल उठ रहे हैं.
सात महीने पहले ही दोनों की शादी हुई थी और दोनों बड़ी खुशी के साथ रह रहे थे लेकिन पति की हार्ट अटैक से मौत के बाद से ही वह परेशान रहने लगी थी.
सर्वेश सिंह (46) थाना भगतपुर के गांव जाहिदपुर सिकंदरपुर कम्पोजिट स्कूल में बतौर शिक्षक कार्यरत थे.
पिता कुछ दिन पहले पिंडदान के लिए गया जी गए थे। शुक्रवार को ही वह घर वापस लौटे थे.
मार्च में ट्रांस यमुना पुलिस से की गई थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई अगर पुलिस सुन लेती तो शायद गौरव आज जिंदा होता.
मृतकों के पास से पास में रखा एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें कर्ज से परेशान होकर जान देने की बात लिखी गई है।
12 फरवरी को कान में तकलीफ बढ़ने पर उसे घर ले गए थे। 23 फरवरी को वह लौट गई थी।
जब उनके वकील और पुलिस साथ में होगी, तब वे बात करेंगे. फिलहाल ये मुद्दा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और अतुल सुभाष के लिए न्याय की बात कह रहे हैं.