आखिर रात में ही क्यों होती है एयर स्ट्राइक या सैन्य कार्रवाई? जानें ये बड़ी वजह-Video

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Operation Sindoor: भारत-पाकिस्तान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद से लगातार तीसरे दिन भी शाम होते ही पाकिस्तान की ओर से सीमा पर गोलीबारी जारी हो गई है तो वहीं जम्मू-कश्मीर सहित सीमा से सटे सभी इलाकों में ब्लैकआउट कर दिया गया है. हर जगह बिजली काट दी गई है और लोगों से घरों में अंधेरा करने का निर्देश दिया गया है. लगातार सीमा उल्लंघन कर सीमा पर गोलीबारी कर रहा है और ड्रोन व मिसाइल से हमले कर रहा है. हालांकि भारतीय सेना लगातार उसके मंसूबों पर पानी फेर रही है.

भारत ने पाकिस्तान द्वारा 22 अप्रैल को पर्यटकों पर किए गए कायराना हमले के बाद 6-7 मई 2025 की रात को ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था. इसके बाद से ही लगातार जो भी सैन्य गतिविधियां हो रही हैं वो सभी रात को ही हो रही हैं. पाकिस्तान की ओर से भी रात को ही हमले किए जा रहे हैं. अक्सर लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि आखिर रात में ही क्यों ये एयर स्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक या फिर सैन्य गतिविधियां होती हैं? आखिर दिन के उजाले में ये हमले क्यों नहीं होते?

हालांकि लोगों के मन में ये जवाब जरूर आता है कि हो सकता है राज में इसलिए एयर स्ट्राइक या हमले होते हों क्योंकि रात में प्लेन या ड्रोन आसानी से किसी को नजर नहीं आता है. हालांकि इस गुत्थी को सुलझाने का काम डिफेंस एक्सपर्ट और इंडियन आर्मी के रिटायर्ड कर्नल दानवीर सिंह ने किया है.

उनका एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने बताया है कि आखिर एयर स्ट्राइक को रात में ही क्यों अंजाम दिया जाता है?

एक्सपर्ट ने दी ये बड़ी जानकारी…पहला कारण?

इंडियन आर्मी के रिटायर्ड कर्नल दानवीर सिंह द्वारा जारी बयान के मुताबिक, एयर स्ट्राइक या फिर किसी हमले से पहले इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम से किसी टार्गेट को ट्रैक करते हैं. उन्होंने इलेक्ट्रो का अर्थ बताते हुए कहा कि इसका मतलब है कि तकनीक की मदद से और ऑप्टिकल का अर्थ है दृष्टि या प्रकाश की मदद से यानी ऑप्टिक तरीके से.
वह कहते हैं कि इसे अगर आसान शब्दों में समझें तो दिन के उजाले में अटैक करने से ड्रोन या प्लेन के रडार की नजर में तो आने की सम्भावना रहती ही है साथ ही सामने वाले देश के सैनिकों को भी इसकी जानकारी आसानी से हो सकती है लेकिन रात में अगर अटैक होता है तो इसके ऑप्टिकल पहलु खत्म हो जाते हैं.

रिटायर्ड कर्नल आगे बताते हैं कि यही वजह है कि रात में ही स्ट्राइक की जाती है ताकि ऑप्टिकल तरीके को बेअसर किया जा सके. रात में स्ट्राइक करने से सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ही विमान को ट्रैक किया जा सकता है, ऑप्टिकल तरीके से नहीं. इस तरह से प्लेन को पकड़ने के दोनों तरीकों में से एक को नकारा जा सकता है.”

दूसरा कारण

रिटायर्ड कर्नल दानवीर सिंह ने अपने बयान में रात में एयर स्ट्राइक की दूसरी वजह साइकोलॉजिकल को भी बताया है. अपने बयान में उन्होंने कहा है कि अगर रात में ऑपरेशन किया जाता है तो जवान या फिर इस ऑपरेशन को ऑपरेटर करने वाले को पूरी रात सोना नहीं होता यानी उसे जगना पड़ता है. अगर ये कार्यवाई लगातार कई दिनों तक जारी रहती है तो जवान या ऑपरेटर थक कर चूर हो जाते हैं और उनकी क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है. यही कारण है कि अक्सर इस तरह से ऑपरेशन के लिए रात को ही बेहतर माना गया है.

बता दें कि इस खबर के साथ दिए जा रहे वीडियो लिंक केवल सांकेतिक उदाहरण के लिए हैं.

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