Shakuntala University: रैम्प से रिसर्च तक… दिव्यांग विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए शकुन्तला विश्वविद्यालय कर रहा है ये काम
Shakuntala University: डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय (Dr. Shakuntala Mishra National Rehabilitation University) में दिव्यांग अनुकूल संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। परिसर में रैम्प, लिफ्ट, ब्रेल संकेत, सुलभ शौचालय, विशेष शिक्षण संसाधन, सहायक उपकरण तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
इस सम्ंबध में विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य संजय सिंह ने विकास भवन, आजमगढ़ में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में जानकारी दी. यह बैठक दिव्यांगजन के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों को मजबूत करने, समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने तथा विश्वविद्यालय की गतिविधियों की व्यापक दृश्यता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
कुलपति ने बताया क्या है विश्वविद्यालय का लक्ष्य
बैठक में कुलपति आचार्य संजय सिंह ने विश्वविद्यालय का लक्ष्य बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि दिव्यांग विद्यार्थियों के समग्र शैक्षिक, सामाजिक एवं व्यावसायिक विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अनुकूल शैक्षणिक वातावरण तैयार करने हेतु निरंतर प्रयासरत है।
बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास एवं पुनर्वास पर विशेष ध्यान दे रही है। विभिन्न योजनाओं एवं नीतियों के माध्यम से दिव्यांग विद्यार्थियों को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिनका लाभ विश्वविद्यालय स्तर तक पहुंचाया जा रहा है।
अधिकारियों ने दिया ये सुझाव
इस मौके पर अधिकारियों ने सुझाव दिया कि जिला स्तर पर एक समन्वित तंत्र विकसित किया जाए, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं कौशल विकास से जुड़े विभाग मिलकर कार्य करें, ताकि दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा से लेकर रोजगार तक निरंतर सहयोग मिल सके। इसके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन परामर्श, ई-लर्निंग सामग्री और सुलभ सूचना प्रणाली विकसित करने पर भी बल दिया गया।
नामांकन बढ़ाने पर हुई विस्तृत चर्चा
विवि के परीक्षा नियंत्रक एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि काउंसलिंग, मार्गदर्शन एवं विशेष सहायता तंत्र को सुदृढ़ कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र विद्यार्थी जानकारी या संसाधनों के अभाव में उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय और तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग से दिव्यांगजनों तक सुविधाओं की पहुंच को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है।
ये की गई अपील
विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय प्रशासन से विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया, ताकि विद्यार्थियों, विशेषकर दिव्यांगजनों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया जा सके। साथ ही काउंसलिंग सत्र, कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम तथा प्रवेश सहायता शिविर आयोजित कर विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय से जोड़ने की प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया गया।
ये रहे उपस्थित
इस मौके पर उप निदेशक दिव्यांगजन सशक्तीकरण मीनू सिंह, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी शान्त प्रकाश श्रीवास्तव, डॉ. विजय शंकर शर्मा, डॉ. दुष्यंत त्यागी सहित शिक्षा विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, समाज कल्याण विभाग और अल्पसंख्यक विभाग से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा विभिन्न महाविद्यालयों, पॉलिटेक्निक संस्थानों, आईटीआई तथा डी.एड. स्पेशल एजुकेशन एवं बी.एड. स्पेशल एजुकेशन संस्थानों के प्राचार्य एवं प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। बैठक में दिव्यांग एवं सामान्य दोनों वर्गों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच को सरल बनाने तथा विश्वविद्यालय में नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
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