क्या आज दोपहर आपके फोन में भी अचानक बजने लगा था सायरन…? सरकार कर रही है ये बड़ी टेस्टिंग
Mobile Beep Sound Today: आज दोपहर बीप-बीप की तेज आवाज के साथ मोबाइल बज उठे. जिनके घरों में दो-तीन मोबाइल हैं तो सभी एक साथ बज उठे. पहले कुछ समझ नहीं आया लोगों को और डर गए लेकिन फिर कुछ देर बाद पता चला कि कोई अलर्ट मैसेज आया था जो कि सरकार की ओर से था.
सरकार ने बड़ी टेस्टिंग की थी. दरअसल सरकार द्वारा किए जा रहे एक नए इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का ही ये हिस्सा है. इसका उद्देश्य आपदा के समय लोगों तक तुरंत जानकारी पहुंचा कर अलर्ट कर देना है. ताकि लोग अपने लिए सुरक्षित स्थान का बंदोबस्त कर सकें. इसलिए इसको लेकर किसी को घबराने की जरूरत नहीं है. हालांकि इसको लेकर पहले एक अलर्ट मैसेज आया था और बताया गया था कि एनडीएमए 2 मई को आपके क्षेत्र में ‘सेल ब्राडकास्ट अलर्ट’ का परीक्षण करेगा. अगर आपके मोबाइल पर यह संदेश प्राप्त होता है तो किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं है. कृपया घबराएं नहीं.

alert message
बता दें कि जो ये चेतावनी भरा मैसेज आज अपने तय समय पर आया है उसके लिए Department of Telecommunications (DoT) द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (National Disaster Management Authority (NDMA) के साथ मिलकर काम कर रहा है. इसके लिए एक खास प्लेटफॉर्म ‘SACHET’ का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे Centre for Development of Telematics ने तैयार किया है.
मालूम हो कि सरकार द्वारा स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए सेल ब्रॉडकास्ट सेवा शुरू की गई है ताकि नागरिकों को आपदा की तत्काल सूचना मिल सके. सतर्क नागरिक सुरक्षित राष्ट्र…के साथ संदेश को प्राप्त करने पर जनता को कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं होगी. ये एक परिक्षण संदेश है.
भारत सरकार का यह नया सिस्टम Cell Broadcast तकनीकि पर काम करता है. इसको लेकर सोशल मीडिया पर वायरल खबरों के मुताबिक, यह संदेश सामान्य SMS की तरह यह किसी एक नंबर पर नहीं भेजा जाता, बल्कि एक साथ किसी खास इलाके में मौजूद सभी मोबाइल फोन पर यह मैसेज पहुंचता है. इससे ये फायदा होगा कि आपदा जैसी स्थिति में, जब नेटवर्क व्यस्त हो जाता है, तब भी यह अलर्ट तेजी से सभी तक पहुंच सकेगा.
भूकंप-सुनामी जैसी आपदा का भेजेगा अलर्ट
खबरों के मुताबिक, इस तकनीक का इस्तेमाल सुनामी, भूकंप, बिजली गिरने, गैस लीक या अन्य खतरनाक आपदा में लोगों को वक्त रहते चेतावनी देने के लिए किया जाएगा. महत्वपूर्ण बात यह है कि इस सिस्टम को पूरी तरह से भारत में ही विकसित किया गया है ताकि देश की टेक्नोलॉजी आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिल सके.
अलर्ट मैसेज आ सकता है बार-बार
बता दें कि पूरे देश में इस सिस्टम की टेस्टिंग जारी है. इसलिए इसको लेकर कभी-कभी हिंदी व अंग्रेजी या किसी क्षेत्रीय भाषा में टेस्ट मैसेज मोबाइल पर आ सकता है. कई बार एक ही अलर्ट बार-बार आ सकता है, जो बिल्कुल सामान्य है.
इस तरह करें इस मैसेज को कंट्रोल
चेतावनी भरे इस अलर्ट्स को अगर कंट्रोल करना चाहते हैं, तो अपने मोबाइल की सेटिंग्स में जाकर ‘Wireless Emergency Alerts’ में बदलाव कर सकते हैं लेकिन इस दौरान आपको ध्यान रखने की जरूरत है कि यह सिर्फ टेस्टिंग का हिस्सा है और आपको कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है.
लागू होगा ये सिस्टम
मालूम हो कि टेस्टिंग सफल होने के बाद इस सिस्टम को भविष्य में लागू किया जाएगा. ताकि आपदा के समय कुछ ही सेकंड्स में लोगों तक जरूरी जानकारी पहुंचा कर अलर्ट किया जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके. इसको लेकर DoT ने अपील की है कि जनता इस महत्वपूर्ण परीक्षण में सहयोग करें. साथ ही इस बात को भी ध्यान में रखें कि ये सभी मैसेज केवल सिस्टम की जांच के लिए भेजे जा रहे हैं. इस पर किसी तरह की प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता नहीं है.