क्रूज में पानी भरने के बाद बांटी गई लाइफ जैकेट…घोर लापरवाही का ताजा Video वायरल; मरने के बाद भी मां सीने से चिपकाए रही बेटा, बेटी ने सुनाई दिल को झकझोर देने वाली आंखों देखी

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Jabalpur Narmada River Bargi Dam Cruise Accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर में 30 अप्रैल की शाम को तेज बारिश और आंधी ने किस तरह कहर बरपाया, इसके वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं. देखते ही देखते बरगी डैम कई लोगों की कब्रगाह बन गया. तो वहीं लापरवाही की भी तमाम तस्वीरें सामने आ रही है. एक ताजा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें साफ दिख रहा है कि जब क्रूज में पानी भरने लगा और क्रूज डूबने लगा तब लोगों को लाइफ जैकेट बांटी गई.

तो वहीं इस भयावह हादसे का एक और वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पूरे देश को हिला कर रख दिया है. एक वीडियो में एक मां का शव पानी में उतराता दिखा है जो कि अपने छोटे से बेटे को तेजी से खुद में लपेटे हुए है. मानो मरते वक्त भी मां को चिंता थी कि उसे कुछ भी हो जाए लेकिन बच्चे को कुछ न हो. इस वीडियो को जिस किसी ने भी देखा उसकी आंखें नम हो गईं.

क्रूज डूबने के बाद लगातार सामने आ रहे वीडियो रूह को कंपा देने वाले हैं. तो दूसरी ओर जब डैम से मां और बेटे का लिपटा हुआ शव बाहर निकला तो और भी लोगों का दिल कांप उठा. एक महिला ने अपने 4 साल के मासूम बेटे को बचाने के लिए आखिरी सांस तक लड़ाई की और उसे सीने से लगाए रखा लेकिन कब उसकी सांसें थम गई उसे पता ही नहीं चला और बेटा उसके साथ चिपका ही रहा. इसी अवस्था में उनका शव मिलने के बाद जिस किसी ने भी ये वीडियो देखा वो कांप गया.

तो दूसरी ओर महिला का पति, बेटी सिया और पिता इस हादसे में बच गए थे. बेटी सिया ने बताया कि वह जब अपने पिता के साथ बचकर बाहर निकल आई तो किनारे खड़े होकर हादसे वाली जगह की ओर देखकर लगातार रो रही थी. उसे उम्मीद थी कि शायद कोई चमत्कार होगा और उसकी मां और भाई जिंदा बाहर निकल आएंगे लेकिन जब शुक्रवार को शव इस अवस्था में निकला तो खुद को संभाल नहीं सकी.

सिया ने बताई दर्द भरी आंखों देखी

सिया ने उस दिन हुए खौफनाक हादसे की कहानी को बयां करते हुए कहा है कि पूरी जिंदगी अब ये हादसा उसका साथ नहीं छोड़ेगा. जबलपुर के अस्पताल के बाहर खड़ी सिया लगातार अपनी मां और भाई को खोने से रोती नजर आई. सिया ने हादसे को लेकर रोते हुए बताया कि “हम बिल्कुल ठीक बैठे हुए थे और सभी इन्ज्वाय कर रहे थे लेकिन तभी अचानक हवा तेज़ होने लगी. इस पर जो लोग क्रूज पर बैठे थे, वे क्रू मेंबर्स से कहने लगे कि क्रूज बोट को किनारे लगा दीजिए, मौसम खराब हो रहा है. लेकिन उन लोगों ने किसी की बात नहीं सुनी.”

सिया ने बताया कि ख़तरा सामने दिखाई दे रहा था और सभी यात्री घबरा रहे थे लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई. सिया ने ये भी बताया कि नाव को किनारे लाने के बजाए वे लोग नाव को पानी के बिल्कुल बीच में ले गए.

सिया ने हादसे को लेकर एक और बेहद डरा देने वाली बात बताई, सिया ने बताया कि लाइफ जैकेट भी पहले नहीं दी गई थी. जब नाव में पानी भर गया तब लाइफ जैकेट दी गई. उसने बताया कि उसके पिता और एक व्यक्ति केबिन के अंदर बने कैबिनेट जैसे हिस्से को तोड़कर लाइफ जैकेट निकालकर लाए और फिर तुरंत सबको बांटी और फिर इसी के बाद क्रूज तेज हवा में इधर-उधर हिलने लगा और फिर पलटने लगा.

उसकी मां मरीना और भाई त्रिशान क्रूज़ के निचले हिस्से में फंस गए. सिया ने बताया, “बोट की खिड़कियां टूट गई थीं. मेरी मां और मेरा भाई नीचे की तरफ थे, इसलिए वे फंस गए. वह कहती हैं कि वह किसी तरह बाहर निकली लेकिन जब तक वे बाहर निकलने की कोशिश करते, बोट पूरी तरह पलट चुकी थी. तब तक केवल सिया और उसके पिता ही बाहर निकल सके. उसे उम्मीद थी कि मां और भाई भी बाहर आ जाएंगे लेकिन…इतना कहते ही वह फिर से तेज रोने लगती है.

दिल्ली का था परिवार

बता दें कि सिया मैसी का परिवार दिल्ली का था और जबलपुर छुट्टी मनाने के लिए आया था. रिश्तेदारों के साथ गृह प्रवेश का समारोह भी यहां मनाया गया था. इसके बाद घूमने का कार्यक्रम था और परिवार के साथ कुछ यादगार पल बिताने को लेकर ही वे घूमने निकले थे लेकिन जिस पल को वे यादगार बनाना चाह रहे थे, वही पल पूरी जिंदगी के लिए नासूर बन गया.

मरीना की कोशिश थी कि बेटा बचे

सिया ने ये भी बताया कि क्रूज के भीतर जब अफरा-तफरी मची तो यात्री चीखने लगे क्योंकि खिड़कियां टूटने लगीं थीं और निचले हिस्से में तेजी से पानी भर रहा था. इस दौरान उसकी मां मरीना की अपने बच्चे को बचाने की कोशिश थी. उनकी बेटी सिया बच गई. पति प्रदीप मैसी भी बच गए, लेकिन यह बच जाना उनके हिस्से का सबसे बड़ा दुख बनकर आया.

बता दें कि क्रूज के डूबने के दौरान मरीना मैसी ने अपने छोटे बेटे त्रिशान को अपनी ही लाइफ जैकेट में लपेट रखा था और बेटे को अपनी छाती से पूरी तरह से कसकर चिपकाए रखा तो वहीं जब क्रूज पूरी तरह से तेज लहरों के बीच पानी में समा रहा था, तब भी मरीना ने बेटे को नहीं छोड़ा. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को देखकर ये साफ जाहिर हो रहा है कि मरीना मैसी अपने आखिरी पलों तक खुद को नहीं बल्कि अपने बच्चे को बचाने की कोशिश करती रहीं. मौत भी मां और बेटे को अलग नहीं कर सकी.

बता दें कि 30 अप्रैल की शाम को नर्मदा नदी पर दर्जनों परिवार गर्मियों की छुट्टी मनाने के लिए निकले थे लेकिन उनकी खुशियां अचानक मातम में बदल गई. खमरिया टापू के पास तेज हवाओं और उठती लहरों के साथ ही मूसलाधार बारिश के बीच ओवरलोडेड क्रूज पलट गया. अब तक नौ शव बरामद किए जा चुके हैं और 28 लोगों को बचाया गया है, लेकिन इस पूरी त्रासदी के बीच मरीना और त्रिशान की कहानी ने पूरे देश के लोगों को झकझोर कर रख दिया है.

इस हादसे में सिया की मां और भाई के साथ ही उसकी नानी की भी मौत हुई है. सिया ने बताया कि उसके मामा के गृह प्रवेश के लिए उसके नाना-नानी बहुत दिनों बाद आए थे और दूसरे दिन ही वे घूमने के लिए निकले थे.

पिता का हाथ पकड़ रखा था कसकर

सिया ने ये भी बताया कि जैसे ही वह मलबे से बाहर निकली तो उसने अपने पिता को देखा. उसने उनका हाथ कसकर पकड़ लिया. इसके बाद हम दोनों बाहर निकल आए लेकिन मां और मेरा भाई कहीं भी दिखाई नहीं दिए.

कांग्रेस नेता ने उठाया सवाल

इस घटना को लेकर कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने कई सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि क्रूज को ओवरलोड क्यों किया गया? दूसरे मौसम की चेतावनियों को नजरअंदाज क्यों किया गया? एक वीडियो सामने आय़ा है जिसमें लाइफ जैकेट भी समय पर नहीं दी गई. उन्होंने इस बात पर जोर देकर कहा कि जब मौसम का अलर्ट था तो फिर बोट को चलने क्यों दिया गया? तस्वीरों और वीडियो में पैसेंजर बिना लाइफ़ जैकेट के दिखाई दे रहे हैं. सामने आए फुटेज दिल दहला देने वाले हैं. इसकी जवाबदेही कहाँ है? कुछ दिनों बाद, जब मीडिया कवरेज कम हो जाएगी, तो इसे बस एक और हादसा मान लिया जाएगा और इससे न तो कोई सीख ली जाएगी और न ही हादसे के जिम्मेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी.

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