ममता बनर्जी ने CM पद से इस्तीफा देने से किया इनकार…अब पश्चिम बंगाल में कैसे बनेगी नई सरकार; जानें-Video
Mamata Banerjee News : पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को हार का सामना करना पड़ा है. यहां पर भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत के साथ सत्ता हासिल कर ली है लेकिन अब ममता बनर्जी ने भाजपा पर तमाम आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से मना कर दिया है.
दरअसल 15 साल बाद करारी हार मिलने के बाद से ही ममता बनर्जी भाजपा पर गलत तरीके से चुनाव जीतने का आरोप लगा रही हैं. आज उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और साफ कह दिया है कि वो सीएम पद से इस्तीफा नहीं देंगीं. ऐसे में सवाल है कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है? क्योंकि जब वर्तमान सीएम इस्तीफा देता है, उसी के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होती है. अगर वाकई ममता अपना इस्तीफा नहीं देती हैं तो फिर नया सीएम कैसे बनेगा?
#WATCH | कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “मैं इस्तीफ़ा नहीं दूँगी, मैं हारी नहीं, मैं राजभवन नहीं जाऊँगी… सवाल ही नहीं उठता। नहीं। अब, मैं यह भी कहना चाहती हूँ कि हम चुनाव नहीं हारे। यह हमें हराने की उनकी कोशिश है। आधिकारिक तौर पर, चुनाव आयोग के ज़रिए,… pic.twitter.com/9JcZW8o9oP
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 5, 2026
पत्रकारों से बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि वह इस्तीफ़ा नहीं देंगी क्योंकि वह हारी नहीं हैं. इसलिए वह राजभवन नहीं जाएंगी. साथ ही उन्होंने कहा कि आधिकारिक तौर पर वह चुनाव आयोग के ज़रिए हमें हरा सकते हैं, लेकिन नैतिक रूप से हम चुनाव जीत गए हैं.
#WATCH | कोलकाता: पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “पहले चरण की मतगणना के बाद, वे कहने लगे कि भाजपा को 195-200 सीटें मिल रही हैं। आपने फाइनल रिजल्ट का इंतज़ार नहीं किया। आपने 5-6 चरण का भी इंतज़ार नहीं किया। प्रेस मीडिया के साथ उस प्रचार के बाद, भाजपा… pic.twitter.com/0SPGwQ6qmK
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 5, 2026
तो आइए इस लेख में जानते हैं कि क्या है इसको लेकर नियम…
अगर चुनाव हारने के बाद भी कोई सीएम इस्तीफा नहीं देता है तो राज्यपाल के पास ऐसी विशेष शक्तियां होती हैं जिसके जरिए आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. मसलन पहले तो राज्यपाल हारे हुए सीएम से इस्तीफा मांग सकते हैं लेकिन अगर इनकार मिलता है तो विधानसभा को वो तुरंत भंग करने का आदेश दे सकते हैं.
इस तरह की स्थिति में राज्यपाल मुख्यमंत्री को बर्खास्त कर सकते हैं. इसके बाद अगर मुख्यमंत्री कोई कदम उठाता है या कोई बड़ा संकट खड़ा होता है तो राज्यपाल ऐसी स्थिति में अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकते हैं. प्रदेशों में संवैधानिक मशीनरी के विफल होने के मामले में ऐसा होता है लेकिन अगर बात पश्चिम बंगाल की करें तो यहां चुनावी नतीजे आ चुके हैं जिससे साफ हो चुका है कि राज्य में किसकी सरकार बनने वाली है.
ऐसे बनेगी नई सरकार
बता दें कि राज्यपाल के पास अनुच्छेद 164 के तहत प्रदेश में नया मुख्यमंत्री नियुक्त करने के साथ ही उसे शपथ दिलवाने की भी शक्ति होती है. इस अनुच्छेद के तहत चुनाव में हारने वाली सरकार व सीएम को बर्खास्त करने के बाद राज्यपाल विधायक दल के नेता को मुख्यमंत्री चुन सकते हैं और फिर नई सरकार का गठन किया जा सकता है. मतलब साफ है कि अगर ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं देती हैं तो भी वो जनादेश के बाद भी पश्चिम बंगाल की सीएम नहीं रह सकतीं.
ममता बनर्जी ने लगाए ये आरोप
आज प्रेस कांफ्रेंस करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव हारने को लेकर बीजेपी पर 100 सीटों की चोरी करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई भाजपा से नहीं बल्कि चुनाव आयोग से थी. साथ ही ममता ने ये भी कहा कि वह हारी नहीं हैं. उनके साथ काउंटिंग सेंटर पर मारपीट हुई. वह फिलहाल इस्तीफा नहीं देंगी.