Lucknow University: अब एलयू सिखाएगा छात्रों को नैतिकता और मानवीय मूल्य…कुलपति ने जारी किए निर्देश
Lucknow University: युवाओं में लगातार कम होती नैतकिता और बौद्धिक क्षमता व कानून से जुड़ी जानकारी को देखते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय एक सराहनीय पहल करने जा रहा है. इस सम्बंध में कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने कई दूरगामी और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन विधि पाठ्यक्रम सहित सभी संकायों में गुणात्मक सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इसी क्रम में कुलपति ने अकादमिक संरचना और प्रशासनिक शुचिता को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक कार्ययोजना की घोषणा की है। ताकि विद्यार्थियों को कानून का जानकारी देने के साथ ही नैतिकता और मानवीय मूल्यों को भी सिखाया जाए.
इस सम्बंध में कुलपति का कहना है कि “हम विधि सहित सभी पाठ्यक्रमों में ‘इंडियन नॉलेज सिस्टम’ और मानवीय मूल्यों को जोड़कर एक ऐसी पीढ़ी तैयार करना चाहते हैं जो पेशेवर रूप से सक्षम होने के साथ-साथ नैतिक रूप से भी सुदृढ़ हो। बोर्ड ऑफ स्टडीज में इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स, पुरातन छात्रों और शोधार्थियों को शामिल करने से हमारे पाठ्यक्रम को व्यावहारिक धरातल मिलेगा। इसके अतिरिक्त, पीएचडी साक्षात्कारों की रिकॉर्डिंग करने का निर्णय विश्वविद्यालय में पारदर्शिता और शुचिता के प्रति हमारी ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति को दर्शाता है।”
‘इंडियन नॉलेज सिस्टम’ (IKS) को पाठ्यक्रम में किया शामिल
कुलपति ने निर्देश दिया है कि अब विधि (Law) पाठ्यक्रम के अंतर्गत ‘इंडियन नॉलेज सिस्टम’ (भारतीय ज्ञान प्रणाली-IKS) के विशेष पेपर जोड़े (Add-on) जाएं। इसके तहत छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए पाठ्यक्रम में ‘एथिक्स’ (नैतिकता) और ‘ह्यूमन वैल्यूज’ (मानवीय मूल्य) जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों को अनिवार्य रूप से समाहित किया जाए। इसका उद्देश्य विधि के विद्यार्थियों को कानूनी धाराओं के साथ-साथ नैतिक और सामाजिक मूल्यों के प्रति भी संवेदनशील बनाना है।
करिकुलम डिजाइन में शामिल होंगे इंडस्ट्री एक्सपर्ट और पुरातन छात्र
विश्वविद्यालय के शैक्षणिक स्तर को वैश्विक और व्यावहारिक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए अध्ययन मंडल (Board of Studies) के ढांचे में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब अनिवार्य रूप से प्रत्येक विभाग के बोर्ड ऑफ स्टडीज में शोध छात्रों (Research Scholars), इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स (उद्योग विशेषज्ञों) और पुरातन छात्रों (Alumni) को शामिल किया जाएगा। यह त्रिस्तरीय इनपुट करिकुलम डिजाइनिंग को आज के बाजार और अनुसंधान की जरूरतों के अनुकूल बनाने में मदद करेगा। इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए जा रहे हैं और यह व्यवस्था केवल विधि ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के सभी विभागों में समान रूप से लागू की जाएगी। इसके साथ ही विधि के क्षेत्र में ‘प्रोफेशनल प्रैक्टिस’ (व्यावसायिक अभ्यास) के दायरे को और अधिक व्यापक व व्यावहारिक बनाया जाएगा।
पीएचडी साक्षात्कार की होगी अनिवार्य वीडियो रिकॉर्डिंग
उच्च शिक्षा में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कुलपति जी ने एक और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय में आगामी पीएचडी प्रवेश परीक्षा के तहत आयोजित होने वाले सभी साक्षात्कारों (Interviews) की अनिवार्य रूप से वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। इस कदम से चयन प्रक्रिया पर किसी भी प्रकार के गतिरोध या संदेह की गुंजाइश नहीं रहेगी और मेधावी छात्रों को पूर्ण न्याय मिल सकेगा।
गिरि लाल गुप्ता और शंकर दयाल शर्मा संस्थान के भवनों का विधि विभाग को हस्तांतरण विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पूर्व में ही यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा चुका था कि विधि संकाय के विस्तार के लिए ‘गिरि लाल गुप्ता संस्थान’ और ‘शंकर दयाल शर्मा संस्थान’ के दोनों हिस्सों को अब पूर्णतः विधि विभाग (Faculty of Law) को स्थानांतरित किया जाए। तय निर्णय के अनुसार अब यहाँ विधि संकाय द्वारा संचालित पाठ्यक्रम सुचारू रूप से चलाए जाएंगे। इन संस्थानों में पहले से संचालित पाठ्यक्रमों में छात्रों की संख्या कम होने के कारण, उन्हें अन्यत्र (दूसरे स्थानों पर) स्थानांतरित करने का फैसला हुआ था, जिससे अब इन खाली परिसरों में भविष्य में नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम खोले जा सकेंगे।
पाठ्यचर्या परिवर्तन के लिए आयोजित होंगी एक दिवसीय कार्यशालाएं
कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने विधि विभाग को निर्देश जारी किए हैं कि वे विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी स्ववित्तपोषित (Self-Financed) और शासकीय (Government) महाविद्यालयों के विधि शिक्षकों के साथ ‘पाठ्यचर्या परिवर्तन’ (Curriculum Change) को लेकर एक-एक दिन की विशेष कार्यशाला का आयोजन करें। इन कार्यशालाओं में नए विषयों को संकलित और संक्षिप्त करने के लिए गहन मंथन किया जाएगा, जिससे सभी महाविद्यालयों में एक समान और उच्च स्तरीय शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
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