Lucknow University: राष्ट्रीय स्तर पर छा गए स्टूडेंट्स रेखा-यशार्थ…सम्मान में मिली एक-एक लाख की धनराशि
Lucknow University: लखनऊ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने सैमसंग इंडिया के कौशल विकास कार्यक्रम सैमसंग इनोवेशन कैंपस में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। विश्वविद्यालय की बीसीए छात्रा रेखा कुमारी ने बिग डेटा श्रेणी में राष्ट्रीय टॉपर बनकर विश्वविद्यालय को गौरवान्वित किया है, जबकि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष के छात्र यशार्थ प्रकाश श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश राज्य स्तरीय टॉपर्स में स्थान प्राप्त किया है।
बता दें कि देश भर में प्रशिक्षित 20,000 से अधिक प्रतिभागियों में से चयनित रेखा कुमारी को उनके अभिनव प्रोजेक्ट “Healtytics” के लिए सम्मानित किया गया। यह एक उन्नत डेटा-आधारित फ्रेमवर्क है, जिसे क्षय रोग (टीबी) की निगरानी, विश्लेषण एवं प्रभावी हस्तक्षेप रणनीतियों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
इसी के साथ ही यशार्थ प्रकाश श्रीवास्तव ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं बिग डेटा आधारित “मूवी रेकमेंडेशन सिस्टम” विकसित किया, जो उपयोगकर्ताओं की रुचियों, पसंद एवं देखने की आदतों का विश्लेषण कर उन्हें व्यक्तिगत कंटेंट सुझाव प्रदान करता है।
दोनों विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए गुरुग्राम स्थित सैमसंग इंडिया मुख्यालय में आयोजित विशेष सम्मान समारोह में एक-एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि का चेक एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया|
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को सैमसंग आरएंडडी इंस्टीट्यूट, नोएडा, सैमसंग आरएंडडी इंस्टीट्यूट, दिल्ली तथा सैमसंग डिज़ाइन दिल्ली के भ्रमण का अवसर भी प्राप्त हुआ। इस दौरान उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों एवं उद्योग जगत के अग्रणी नवाचारकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित किया तथा सैमसंग की डिज़ाइन फिलॉसफी, उपयोगकर्ता-केंद्रित नवाचार प्रक्रियाओं एवं अगली पीढ़ी के उत्पाद विकास संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।
विद्यार्थियों की इस उल्लेखनीय सफलता पर लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी एवं अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. एस.पी. सिंह ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में नवाचार, तकनीकी दक्षता एवं उद्योगोन्मुखी शिक्षा की सुदृढ़ परंपरा का प्रमाण है। यह सफलता अन्य विद्यार्थियों को भी उत्कृष्टता, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने हेतु प्रेरित करेगी।