Cyber Crime: क्या आप भी ऑनलाइन पोस्ट करते हैं बच्चों की फोटो…? स्कूल और अभिभावक रखें इन बातों का ध्यान

June 22, 2026 by No Comments

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Cyber Crime: आजकल जिसे देखो वही अपने बच्चे के वीडियो, रील और फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करने में जुटा हुआ है. कोई बच्चा डांस कर रहा है तो कोई सिंगिंग.

स्कूलों की ओर से भी बच्चों की स्पीच और डांसिंग आदि के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जाता है. तो वहीं कुछ अभिभावक तो बच्चों के स्कूल के पहले दिन की फोटो के साथ ही उनके पार्क में खेलने की तस्वीरें और बच्चे के स्कूल आने-जाने का समय तक सोशल मीडिया पर शेयर कर देते हैं.

तो वहीं ये सब करते हुए अभिभावक ये भूल जाते हैं कि उनकी ये आदत बच्चों को एक बड़े साइबर खतरे में डाल सकती है. दरअसल हाल ही में असम पुलिस ने बच्चों की ऑनलाइन प्राइवेसी और चाइल्ड साइबर सेफ्टी को लेकर एक बेहद जरूरी एडवाइजरी जारी की जो कि हमें संदेश देती है कि हमें बच्चों की हर जानकारी को सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करना चाहिए.

असम पुलिस ने दी है ये चेतावनी

असम पुलिस ने अभिभावकों को चेतावनी देते हुए कहा है कि स्कूल, माता-पिता और संस्थाओं के माध्यम से सोशल मीडिया यानी इंटरनेट पर शेयर की गई बच्चों की तस्वीरों से बैठे-बिठाए खतरा मिल सकता है. ये खतरा तब और बढ़ जाता है जब हम तस्वीरों के साथ बच्चों का नाम, कक्षा और लोकेशन आदि की जानकारी भी शेयर कर देते हैं.

रियल-टाइम अपडेट्स तो और भी घातक है. यानी बच्चा वर्तमान समय में कहां है या क्या कर रहा है, जैसी लाइव जानकारी बिल्कुल भी सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें. क्योंकि साइबर अपराधी या गलत इरादे वाले लोग बच्चों को आसानी से ट्रैक कर सकते हैं.

इस तरह अपराधी कर सकते हैं फोटो का इस्तेमाल

बच्चों की तस्वीर के साथ एआई तकनीकी की मदद से एआई इमेज मैनिपुलेशन या इमेज मॉर्फिंग कर छेड़छाड़ की जा सकती है.

बच्चों की पहचान को साइबरबुलिंग और आइडेंटिटी थेफ्ट के जरिए चुराया जा सकता है. या फिर उनको ऑनलाइन डराया-धमकाया जा सकता है।

बच्चों की जानकारी के जरिए फेक प्रोफाइल यानी सोशल मीडिया पर फर्जी एकाउंट बनाया जा सकता है और और किसी से भी अपराधी फ्रॉड कर सकते हैं बच्चे के नाम पर.

बच्चों की जानकारी लीक होने से उनको कई तरह के साइबर खतरे का सामना करना पड़ सकता है.

स्कूल और अभिभावक रखें इन बातों का ध्यान

कोई भी जानकारी जो बच्चों से जुड़ी हो उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले जांच लें.

फोटो के साथ नाम और निजी जानकारी को सोशल मीडिया पर बिल्कुल भी शेयर न करें.

कक्षा की जानकारी, स्थान और रियल-टाइम अपडेट तो भूलकर भी सोशल मीडिया पर शेयर न करें.

बच्चों की प्राइवेसी और सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता दें.

साइबर धोखाधड़ी होने पर करें ये काम

असम पुलिस ने अपील की है कि अगर कोई बच्चा साइबर फ्रॉड का शिकार होता है तो तुरंत 1930 पर फोन कर रिपोर्ट दर्ज कराएं. या भारत सरकार के पोर्टल http://cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन इसकी शिकायत दर्ज कराएं.

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