कफ सिरप को लेकर केंद्र सरकार ने नियम में किया बड़ा बदलाव…जानें क्या है नई गाइडलाइन?
Cough Syrup New Rules: अब अगर आप खांसी की दवा बिना डाक्टर के परामर्श के मेडिकल स्टोर पर लेने के लिए जाएंगे तो नहीं मिल सकेगी क्योंकि केंद्र सरकार ने कफ सिरप की बिक्री को लेकर नियमें में बदलाव किया है.
नए नियमों के मुताबिक अब एक हजार से कम आबादी वाले गांवों में भी कफ सिरप को बेचने का अधिकार केवल लाइसेंस प्राप्त फार्मेसी के पास ही होगा. नए नियमों को लेकर सरकार ने कहा है कि यह सख्त कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा और दवाओं की गुणवत्ता पर निगरानी मजबूत बनाए रखने के लिए उठाया गया है.

मालूम हो कि बीते महीनों में मध्य प्रदेश के साथ ही देश के कई हिस्सों से कफ सिरप पीने के बाद कई बच्चों की मौत का मामला सामने आया था. इसी के बाद सरकार ने यह फैसला किया है. इस घटना के बाद से ही भारत में बने कफ सिरप विवादों के केंद्र में हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने नए नियमों को लेकर कहा कि इस कदम से कफ सिरप के जिम्मेदार वितरण और बिक्री को बढ़ावा मिलने और देश भर में रेगुलेटरी मानकों का बेहतर पालन सुनिश्चित होने की उम्मीद है.
जानें क्या है नई गाइडलाइन?
कफ सिरप को सख्त रेगुलेटरी निगरानी में लाने के लिए सरकार ने कुछ नियमों में बदलाव किया है ताकि कफ सिरप सहित सिरप-बेस्ड दवाओं को सख्त रेगुलेटरी निगरानी के तहत लाया जा सके.
इस सम्बंध में मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि पहले 1,000 से कम आबादी वाले गांवों में कुछ नियमों में छूट के साथ कफ सिरप बेचने की इजाजत दी गई थी लेकिन अब यह छूट समाप्त कर दी गई है.
यानी नए नियम के तहत अब छोटे गांवों में कफ सिरप की बिक्री के साथ ही वितरण केवल ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और उसके अंतर्गत बने नियमों के अनुसार लाइसेंस प्राप्त फार्मेसियों के जरिए से ही हो सकेगा.
बता दें कि कफ सिरप के नियमों में बदलाव आधिकारिक गजट में प्रकाशित ‘ड्रग्स (पांचवां संशोधन) नियम, 2026’ के माध्यम से अधिसूचित किया गया है.
मालूम हो कि सरकार द्वारा यह कदम पिछले साल दिसंबर में जारी उस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के बाद उठाया गया है, जिसमें स्टेकहोल्डर्स से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे.