भरत तिवारी को इंसाफ दिलाने के लिए दिल्ली पहुंचा भाई…. जंतर-मंतर पर जारी है धरना प्रदर्शन- Video

July 14, 2026 by No Comments

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Bharat Tiwari Fake Encounter Case: बिहार में फेक एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी को इंसाफ दिलाने के लिए उनके भाई चंदन तिवारी दिल्ली के जंतर-मंतर पर रविवार 12 जुलाई को पहुंच गए थे और तभी से यहां बैठकर सरकार से इंसाफ की मांग कर रहे हैं. इस दौरान भरत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए सैकड़ों समर्थक जंतर-मंतर पहुंचे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच व दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. धरना लगातार जारी है.

फेक एनकाउंटर मामले में चंदन तिवारी ने धरने के दौरान आरोप लगाया कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब तक किसी भी दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है बल्कि उनको बचाने के लिए लगातार कोशिश जारी है. अभी तक उनको केवल आश्वासन ही मिला है. जब तक दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होती वे धरना प्रदर्शन करते रहेंगे. इस दौरान चंदन तिवारी ने इस मामले में गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हस्तक्षेप करने की मांग की.

चंदन ने कहा कि अगर सरकार इस मामले में बातचीत के लिए आगे आती है, तो परिवार अपनी बात विस्तार से रखने को तैयार है और जब तक न्याय नहीं मिलता तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा.

बता दें कि जंतर मंतर पर जो धरना प्रदर्शन चल रहा है उसमें पूर्व RAW अधिकारी लकी बिष्ट भी हिस्सा ले रहे हैं और परशुराम दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष गंगाधर शर्मा सहित सभी पदाधिकारी लगातार चंदन को सपोर्ट कर रहे हैं और धरना प्रदर्शन लगातार जारी है.

जानें क्या है मामला?

मालूम हो कि भरत तिवारी ने एनकाउंटर के दिन फेसबुक पर लाइव किया था और जब उन्होंने गन अपनी पुलिस के आगे फेंक दी थी इसके बाद उन पर पुलिस ने गोली चलाई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पांच गोलियां भरत तिवारी को मारी गई. भरत तिवारी कोई अपराधी नहीं थे बल्कि वह जवनिया गांव के गरीब, दलित लोगों के लिए सुविधाओं की मांग कर रहे थे. ये गरीबों का घर ऐसी जगह पर था जहां बारिश में पानी भर जाता था. भरत तिवारी इस मामले में पिछले एक साल से स्थानीय प्रशासन को शिकायती पत्र देकर मांग कर रहे थे लेकिन अधिकारी उनको टालते जा रहे थे.

बारिश फिर से शुरू होने वाली थी. परिजनों के मुताबिक, भरत एक अधिकारी से मिलने गए तो वहीं पर विवाद हो गया. इसके बाद भरत को गिरफ्तार करने पुलिस उनके घर पहुंची तो उन्होंने अपनी गन तान दी. इसके बाद भरत तिवारी ने पूरी घटना को फेसबुक लाइव किया और तब भी मांग की कि जवनिया गांव के लोगों की मदद के लिए जो उन्होंने मांगें रखी हैं, उसे पूरा किया जाए तो वे गन फेंक देंगे. इस पर मौके पर मौजूद पुलिस ने वादा भी किया. इसके बाद जैसे ही भरत तिवारी ने गन फेंकी उनको मार दिया गया. फिलहाल स्थानीय लोग भरत तिवारी को शहीद घोषित करने की मांग कर रहे हैं और सभी पुलिसकर्मियों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं.

अभी तक नहीं मिला मोबाइल फोन

बता दें कि इस घटना के करीब एक महीने होने वाले हैं लेकिन अभी तक भरत तिवारी का मोबाइल फोन परिजनों को नहीं दिया गया. एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें भरत तिवारी खुद कहते दिख रहे हैं कि उनको मोबाइल किसी के हाथ नहीं लगना चाहिए. बताया जा रहा है कि भरत के मोबाइल में कोई ऐसा सुबूत था जिससे स्थानीय प्रशासन की पोल खुल जाती या बड़ा घोटाला खुलता. इसीलिए प्रशासन ने उनका मोबाइल फोन गायब कर दिया. इस सम्बंध में परिवार के वीडियो भी सामने आए हैं.

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