Shakuntala University: दिव्यांगता नहीं है अक्षमता नहीं..ये अलग तरह से सक्षम होने की है पहचान
Shakuntala University: दिव्यांगता अक्षमता नहीं, बल्कि अलग तरह से सक्षम होने की पहचान है। जब हौसले बुलंद हों तो शारीरिक सीमाएं सफलता का रास्ता नहीं रोक सकतीं। यह बात डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय (Dr. Shakuntala Mishra National Rehabilitation University) की दृष्टिबाधितार्थ विभाग की सह आचार्या डॉ. आद्या शक्ति राय ने गुरुवार को समाज कार्य विभाग की ओर से आयोजित व्याख्यान में कही।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगता केवल व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि पूरे समाज से जुड़ा विषय है। इसमें सामाजिक वातावरण की भी अहम भूमिका होती है। उन्होंने दिव्यांगता की संकल्पना, प्रकार, भ्रांतियों, विभिन्न मॉडलों और समावेशी शिक्षा पर चर्चा की।
डॉ. राय ने इम्पेयरमेंट (Impairment), डिसेबिलिटी(Disability) और हैंडीकैप्ड (Handicaped) के बीच अंतर उदाहरणों के साथ समझाया। बताया कि इम्पेयरमेंट में शारीरिक बाधिता या अंग की क्षति, डिसेबिलिटी में उससे उत्पन्न कार्यात्मक अक्षमता और हैंडीकैप्ड में सामाजिक बंधनों के कारण आने वाली बाधाओं को देखा जाता है।
उन्होंने चैरिटी मॉडल, मेडिकल मॉडल और सोशल मॉडल की जानकारी देते हुए बताया कि ये मॉडल दिव्यांगता को समझने और समाज, सरकार व चिकित्सा क्षेत्र की जिम्मेदारी तय करने में मदद करते हैं।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में समाज कार्य विभाग के सह आचार्य डॉ. रूपेश कुमार सिंह ने स्वागत वक्तव्य दिया। संचालन सहायक प्रोफेसर डॉ. अवधेश कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्रोफेसर डॉ. श्याम सिंह ने किया।