एक ऐसा क्रांतिकारी जिसकी वजह से अंग्रेजों को पहली बार लगाना पड़ा था कर्फ्यू

November 5, 2026 by No Comments

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Kanpur: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में चंद्रशेखर आजाद जन कल्याण समिति भारत द्वारा सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी शहीद वासुदेव बलवंत फड़के की जयंती मनाई गई. इस मौके पर युवा चेतना सभा खंडेश्वर मंदिर में आयोजित की गई। शहीद फड़के के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके क्रांतिकारी जज्बे को सलाम कर नमन किया गया।

इस अवसर पर आयोजित सभा की अध्यक्षता करते हुए समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वेश कुमार पांडे निन्नी ने शहीद फड़के की स्वाधीनता आंदोलन का महान वीर देशभक्त योद्धा बताया और कहा कि 1857 के बाद महाराष्ट्र में पहली अस्थाई सरकार फड़के ने बनाकर अंग्रेजी साम्राज्य को चुनौती दी थी।

उन्होंने अदम सेना बनाई थी और अंग्रेजी साम्राज्य को हिला कर रख दिया था. जिस देश में पहली बार कर्फ्यू लगाना पड़ा था। अंग्रेजों ने इस पर उन पर ₹50000 का इनाम रखा था. मेजर डेनियल के नेतृत्व में बड़ी सेना से हुए युद्ध में अनेक क्रांतिकारी मारे गए थे. अंग्रेज द्वारा पकड़े गए फड़के ने कहा था कि भारतीयों पर हो रहे दमन के खिलाफ युद्ध छोड़कर भारत माता के प्रति अपने कर्तव्य को निभाया।

उन्होंने कहा था कि गुलामी से तो अच्छा मौत है. उनका कहना था कि स्वतंत्र भारत में जनतंत्र स्थापित करना मेरे हृदय की आकांक्षा है। इससे स्पष्ट होता है कि उनमें स्वतंत्र देश की कितनी अधिक धारणा थी। अंग्रेजों ने उन्हें सात समुंदर पार एडम जेल भेज कर तमाम यातनाएं दी थी जिससे उनकी मौत हो गई थी.

निन्नी ने कहा कि आज लोग बड़ी कुर्बानी के बाद मिली आजादी के शहीदों को भूल गए हैं जबकि उनके राष्ट्रीय चेतना व उनके मूल्य आदर्शों पर चलकर ही देश से भ्रष्टाचार और कुरीतियों को समाप्त कर खुशहाल भारत का उनका सपना पूरा कर सकते हैं।

सभा का संचालन राष्ट्रीय महामंत्री एवं मीडिया प्रभारी संदीप साहू ने किया। सभा में अनिल त्रिपाठी, सुरेंद्र सिंह, तिलक चंद कुरील, दीनानाथ द्विवेदी, रवि भूषण पांडे, वेदांश पांडे, मोहम्मद सारिक,सीके सिंह, बीडी जयसवाल , गिरीश मिश्रा और प्रतिभा साहू आदि थे।

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