Guru Purnima-2022:इस बार गुरु पूर्णिमा पर पड़ रहा है उत्तम नक्षत्र का संयोग, करें उन सभी साधनों की पूजा, जिनसे मिलता है ज्ञान, जानें इस दिन क्या करना है क्या नहीं, अगर नहीं हैं आपका कोई गुरु तो करें भोले बाबा की पूजा

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आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा का सनातनियों में अत्यंत ही महत्वपूर्ण स्थान है। इस पूर्णिमा को आषाढ़ी पूर्णिमा या गुरू पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष की यह पूर्णिमा बुधवार 13 जुलाई को सूर्योदय से बहुत पहले ही लग जाएगी और पूरे दिन भर रहने के बाद देर रात तक रहेगी। शुभ नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा भी दिन भर रहेगा।

पण्डित शक्ति धर त्रिपाठी, शक्ति ज्योतिष केन्द्र लखनऊ बताते हैं कि इस दिन सनातन धर्म को मानने वालों को चाहिए कि प्रात: ही स्नान करने के बाद पूजा आदि के बाद दान अवश्य करें। इस बार गुरू पूजन की पूर्णिमा 13 जुलाई बुधवार को पूर्वाषाढ़ा जैसे उत्तम नक्षत्र में ही मनाई जाएगी।

इस दिन करें ये कार्य
इस दिन सुबह ही स्नान आदि के बाद अपने गुरु का ध्यान करें और गुरु मंत्र का जप करें। जिनके अब तक कोई गुरू नहीं है वे जगत गुरु श्री शिव जी का ध्यान करें। उनके पंचाक्षर मंत्र का जप करें।

उन सभी साधनों की पूजा करें जिनसे ज्ञान मिलता है

इस दिन गुरु के बताए किसी एक उपदेश को वर्ष पर्यन्त पालन करने का संकल्प लें।

जिनके गुरु का देहांत हो गया है वे अपने उसी गुरु का ध्यान करें क्योंकि सन्त कभी मरता नहीं है। बल्कि मरे हुए गुरु और भी शक्तिशाली होकर हमें अप्रत्यक्ष रूप से रूप सेआशीर्वाद देते रहते हैं। सहयोग करते रहते हैं।

आज के युग में गुरु से अधिक आवश्यकता वास्तविक रूप में शिष्य बनने की है। क्योंकि अधिकांश लोग तो शिष्य का शाब्दिक अर्थ भी नहीं जानते। इसलिए पहले एक अच्छे शिष्य बनने के लिए कार्य करें, फिर किसी को गुरु बनाएं। शिष्य शब्द, शेष का विशेषण है। गुरु पूर्ण है और पूर्ण का शेष भी पूर्ण ही होना चाहिए यह समझने की आवश्यकता है।

पण्डित शक्ति धर त्रिपाठी

जानें इस दिन क्या नहीं करना चाहिए

अगर आपके कोई गुरु नहीं हैं तो जल्दीबाज़ी में बिना वर्षों तक जाने समझे किसी को गुरु न मान बैठें।

किसी शास्त्रज्ञ को ही गुरु माने न कि चमत्कार दिखाने वाले को। अर्थात गुरु उसे ही मानें जो आपको सही-गलत को समझने का ज्ञान दे और जो आपको जीवन के हर संघर्ष में डट कर खड़ा रहने की सीख दे।

DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)