प्राचीन काल में महिष्मती नगरी में महीजित नाम का एक धर्मात्मा राजा शासन करता था. वह बहुत ही शांतिप्रिय, दानवीर और ज्ञानी थी.

अगर आप काल सर्प दोष से पीड़ित हैं और तमाम उपाय के बाद भी आपको लाभ नहीं मिल रहा है तो नाग पंचमी के दिन सरल उपाय से इस संकट से बचा जा सकता है.

इस दिन शाम को नीलकंठ पक्षी के दर्शन करना शुभ माना गया है। इस पर्व के लिए श्रवण नक्षत्र, प्रदोश व्यापिनी एवं नवमी विद्ध दशमी प्रशस्त होती है।

भगवान विश्‍वकर्मा ने ही इंद्रपुरी, द्वारिका, हस्तिनापुर, स्‍वर्गलोक, लंका और जगन्‍नाथपुरी का निर्माण करवाया था। उन्‍होंने ही भगवान शिव जी का त्रिशूल, विष्‍णु भगवान का सुदर्शन चक्र तैयार किया था।