Snake Bite:बारिश में बढ़ा सांपों के डसने का खतरा, जानें इसका रामबाण इलाज, देखें कैसे बनाई जाती है सर्प दंश की दवा, जानें कितने घंटे में बचाया जा सकता है पीड़ित को
आप सभी इस बात को बेहतर जानते हैं कि बारिश के मौसम में सांपों के बिल में पानी भर जाने के कारण सांप ऊपर धरती पर आ जाते हैं और पानी से बचने के लिए इधर-उधर मकानों व घरों में जगह तलाश करने लगते हैं। ऐसे में इनके काटने (डसने) का भी खतरा बढ़ जाता है। हाल ही में उत्तराखंड सहित देश के कई हिस्सों से सांप के काटने की तमाम खबरें सामने आई हैं। इस लेख में हमारे आयुर्वेदाचार्य रोहित यादव बताते हैं कि सांप डसने से उसके दो दांत का निशान दिखाई देते हैं।
दो दांतों से वह विष मनुष्य के शरीर में यानि जहर छोड़ता है। वह विष रक्त के द्वारा हृदय तक जाता है। उसके बाद पूरे शरीर में पहुंचता है। सांप शरीर में कहीं भी डसने के बाद वह विष पहले हृदय तक जाता है उसके बाद पूरे शरीर में फैलता है। यह विष पूरे शरीर में पहुंचने के लिए कम से कम तीन घंटे का समय लगता है। अर्थात जिस व्यक्ति को सर्प दंश हुआ है वह व्यक्ति तीन घंटे तक नहीं मरेगा। जब मस्तिष्क के साथ- साथ पूरे शरीर में विष पहुंचेगा तभी सम्बंधित व्यक्ति की मौत होगी। इसका सीधा अर्थ है कि सर्प दंश वाले व्यक्ति को बचाने के लिए मात्र तीन घंटे का समय होता है। इस तीन घंटे में आप बहुत कुछ कर सकते हो, ताकि किसी की जीवनलीला को समाप्त होने से बचाया जा सके।
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सर्प दंश से सम्बंधित दवाई किसी भी चिकित्सक की सलाह आप अपने घर पर हमेशा रखें। आयुर्वेदाचार्य रोहित यादव बताते हैं कि इसके अलावा NAJA 200 दवा भी अपने घर पर रख सकते हैं। यह औषधि होम्योपैथिक है और सस्ती भी है। इसे किसी भी होम्योपैथिक दवाई की दुकान से आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। इस दवाई से आप कम से कम सौ लोगों की जान बचा सकते हैं और इसकी कीमत सिर्फ पांच रूपये है।
इस दवा अर्थात NAJA (नाजा) को विश्व के सबसे ख़तरनाक जहरीले सांप का ही जहर से बनाया गया है, जिसका नाम क्रॅक है। इस सांप का विष सबसे घातक माना गया है, यह विष दूसरे सांप का विष उतारने के लिए काम आता है। इस दवा के एक बूंद को जीभ में रखें और दस मिनट के बाद फिर दूसरी बूंद रखें। फिर तीसरी बार एक बूंद फिर दस मिनट के बाद रखें। ऐंसा तीन बार करके छोड़ दें। बस इतना करके उस व्यक्ति, प्राणी,जीव, जन्तु, पशु, पक्षी, जानवरों आदि का प्राण बचा सकते हैं। बता दें कि यह लेख आयुर्वेदाचार्य की सलाह पर लिखा गया है। सर्प दंश की किसी भी तरह की घटना पर आप अपने चिकित्सक की भी सलाह ले सकते हैं। ऐसी किसी भी घटना पर मरीज को तुरंत डाक्टर के पास ले जाएं। (फोटो-सोशल मीडिया)