Commonwealth Games 2022: स्वर्णिम बेटियों की ऊंची छलांग नीतू और निकहत को मिला गोल्ड, अमित पंघाल ने पहली बार लिया राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा और रच दिया इतिहास, देखें कितने नम्बर पर है भारत
कॉमनवेल्थ खेलों में भारत का स्वर्णिम सफर जारी है। हमारी स्वर्णिम बेटियां सीधे सोने पर ही निशाना लगा रही हैं। इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए रविवार को भी नीतू और निकहत ने सोना दिलाया तो वहीं अमित पंघाल ने पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेकर स्वर्ण अपने नाम किया है। पिछली बार 2018 गोल्ड कोस्ट में रजत पदक जीता था। नीतू और निकहत जरीन की बात करें तो दोनों ने पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में कोई पदक अपने नाम किया है।
मीडिया सूत्रों के मुताबिक बर्मिंघम में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों के 10वें दिन भारत के मुक्केबाजों ने कमाल कर दिया। नीतू घणघस और अमित पंघाल के बाद निकहत जरीन ने स्वर्ण पदक जीत लिया। महिलाओं के 45-48 किग्रा भारवर्ग के फाइनल मैच में नीतू घणघस ने इंग्लैंड की डेमी जाडे को 5-0 से हराया। उनके बाद अमित ने कमाल करते हुए इंग्लैंड के ही मुक्केबाज को परास्त किया। 48-50 किग्रा (लाइट फ्लाई) वर्ग के फाइनल में विश्व चैंपियन निकहत जरीन ने उत्तरी आयरलैंड की कार्ली नॉल को हराया।
पुरुषों के 48-51 किग्रा भारवर्ग में अमित पंघाल ने किआरन मैकडोनाल्ड को 5-0 हराया। मुक्केबाजी में भारत का यह दूसरा स्वर्ण है। अमित ने पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण अपने नाम किया है। पिछली बार 2018 गोल्ड कोस्ट में रजत पदक जीता था। अमित 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने में कामयाब हुए थे। उनके वर्ल्ड चैंपियनशिप (2019) में एक रजत पदक है। इसके अलावा वह एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण (2019), रजत (2021) और कांस्य (2017) जीत चुके हैं। (समाचार लेखन-प्रशांत दीक्षित) (सभी फोटो- सोशल मीडिया)