Basic Shiksha: “एक तरफ सम्मान, दूसरी तरफ भेदभाव, ये कैसी लीला योगी सरकार”, शिक्षक दिवस पर बेसिक शिक्षकों ने घेरा CM को, दिव्यांग शिक्षकों ने लगाई गुहार, वायरल हुआ #upbasicblocktransfer, शिक्षकों से जुड़ने की अपील
लखनऊ। प्रदेश के बेसिक शिक्षकों से योगी सरकार लगातार भेदभाव करती आ रही है। इसको लेकर शिक्षकों ने शिक्षक दिवस के खास मौके पर योगी सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया है और अपनी मांग को लेकर सरकार को दिव्यांग शिक्षक भी सरकार से गुहार लगा रहे हैं। शिक्षकों का आरोप है कि सरकार ने अन्तर जनपदीय ट्रांसफर 6 साल में 3 बार किए, जबकि जिले के अंदर एक भी बार ट्रांसफर नहीं किया गया। आखिर सरकार शिक्षकों के साथ यह भेदभाव क्यों कर रही है।
जहां शिक्षक दिवस पर एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षकों का सम्मान कर रहे थे तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश भर के अधिकांश शिक्षक अपनी हक की आवाज के लिए सोशल मीडिया पर आवाज उठा रहे थे। जबकि पिछली सरकार में खूब वादे भी किए थे, दूसरी बार भी शिक्षकों व आम जनता ने मिलकर योगी की सरकार बनवा दी लेकिन उनकी समस्या जस की तस है। इस सम्बंध में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी खुद को असहाय बता रहे हैं। इस सम्बंध में भी एक मैसेज वायरल हुआ था कि उन्होंने किसी शिक्षक से कहा था कि उनके हाथ में कुछ भी नहीं है।
तो वहीं पिछली सरकार में बेसिक शिक्षा मंत्री रहे सतीश द्विवेदी ने भी वोट लेने के लिए शिक्षकों से खूब वादे किए लेकिन वादे निभा नहीं सके, तो उन्हें हार का मुंह भी देखना पड़ा। इस सम्बंध में बेसिक शिक्षा के शिक्षक नेता भी कुछ नहीं कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि अगर जनपद व ब्लाक के अंदर ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू होती है तो मलाई चाट रहे नेताओं को पहले पिछड़े ब्लाकों में फेंका जाएगा, क्योंकि वे कई सालों से अगड़े ब्लाकों में डटे हुए हैं।
इसीलिए शिक्षक नेता इस मुद्दे को हवा नहीं दे रहे हैं। तो वहीं सरकार की इस अनदेखी में सबसे ज्यादा महिलाएं व दिव्यांग शिक्षक पिस रहे हैं, क्योंकि दिव्यांगों को ऐसी जगह स्कूलो में तैनाती दी गई है, जहां स्कूल के गेट तक साधन की सुविधा नहीं है। ऐसे में दिव्यांग शिक्षक इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा परेशानी उठा रहे हैं। फिलहाल शिक्षकों ने प्रदेश भर के शिक्षकों से ट्विटर पर चलाए जा रहे #upbasicblocktransfer से जुड़ने की अपील की है, ताकि सरकार के कान तक उनकी आवाज भी जाए। फिलहाल देखना ये है कि योगी सरकार कब तक शिक्षकों के साथ न्याय करती है।