Ahoi Ashtami-2022: इस बार सोमवार को पड़ी अहोई अष्टमी पर बना शिव योग, संतान प्राप्ति और सुख के लिए पति-पत्नी मिलकर करें ये 6 उपाय, देखें दीपावली के साथ किस तरह जुड़ा है इस व्रत का नाता

October 14, 2022 by No Comments

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अहोई अष्टमी विशेष। प्रतिवर्ष कार्तिक कृष्ण अष्टमी को अहोई अष्टमी मनाई जाती है। इस बार यह व्रत 17 अक्टूबर को पड़ रहा है। इस दिन सनातन धर्म को मानने वाली हिंदू माताएं संतान की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। यह व्रत दीपावली से एक सप्ताह पहले आता है। यह व्रत माताएं अपने बच्चों के सुखमय जीवन और कल्याण के लिए रखती हैं। करवा चौथ की भांति ही इस व्रत को भी किया जाता है। बस फर्क ये होता है कि करवा चौथ पति के लिए और यह व्रत संतान के लिए रखा जाता है।

जानें ये महत्वपूर्ण जानकारी
इस व्रत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी ये है कि जिन दिन दीपावली पड़ती है उसी दिन अहोई अष्टमी भी पड़ती है, जैसे इस बार सोमवार को अहोई अष्टमी है, तो दीपावली भी सोमवार (24 अक्टूबर) को ही मनाई जाएगी। इस तरह से यह व्रत दीपावली के आगमन का सूचक भी है और इस तरह से इस व्रत का दीपावली से गहरा नाता भी है। माताएं इस दिन परम्परागत रूप से पूजा करती हैं और कथा सुनती हैं।

इस बार बना शिव योग करें नीचे दिए गए उपाय
आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि 17 अक्टूबर दिन सोमवार को अहोई अष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। इस बार सोमवार को पड़ी अहोई अष्टमी पर शिव योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व बढ़ गया है। अहोई अष्टमी को माताएं तारों को देखकर अर्घ्य देती हैं और फिर व्रत का पारण करती हैं।

आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री

यह व्रत संतान प्राप्ति और संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए किया जाता है। इस व्रत को संतान प्राप्ति के लिए भी महिलाओं द्वारा किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस बार बने इस योग में अगर संतान प्राप्ति के लिए अहोई अष्टमी के दिन पूजा से संबंधित कुछ उपाय किए जाएं, तो मनोकामना के जल्द पूर्ण होने के आसार बनते हैं। हालांकि ध्यान रखें कि उपाय करने के दौरान किसी भी प्रकार से मन में कोई संदेह न रखें और एकाग्र मन से पूजा व उपाय पूरा करें।

अष्टमी से लेकर भाई दूज तक करें इस तरह शिव जी की पूजा

अहोई अष्टमी के दिन शिव योग का संयोग बन रहा है। इसलिए पति-पत्नी अपनी मनोकामना को पूरा करने के लिए अष्टमी तिथि से लेकर भाई दूज तक प्रतिदिन पारद शिवलिंग की ब्रह्म मुहूर्त पूजा-पाठ करें। पारद शिवलिंग पर दूध चढ़ाने से संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है। इसके साथ ही माता पार्वती की ही अष्टमी तिथि को अहोई रूप में पूजा की जाती है, व्रत रखकर माता से भी संतान प्राप्ति की मनोकामना करें। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान शिव और माता पार्वती प्रसन्न होती हैं।

मां को चढ़ाएं माला
संतान प्राप्ति की कामना रखने वाले पति-पत्नी एक साथ मिलकर अहोई अष्टमी का व्रत रखें और उस दिन चांदी के 7 से 9 मोतियों को धागे में पिरोकर एक माला बना लें। इसके बाद उस माला को पूजन के समय माता अहोई को चढ़ाएं और संतान प्राप्ति की मनोकामना मांगे। पूजन करने के बाद माला को पत्नी के गले में पहना दें। ऐसा करने से माता अहोई का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

घर पर अवश्य लगाएं तुलसी का पौधा
अहोई अष्टमी के दिन पति-पत्नी एक साथ मिलकर अहोई माता को सफेद फूल चढ़ाएं और संतान प्राप्ति की प्रार्थना करें। साथ ही घर में जितने सदस्य हों, उतने पौधे लगाने के साथ ही तुलसी का पौधा भी अवश्य लगाएं। इसके बाद सायंकाल के समय तारों को अर्घ्य देकर पूजन करें और अहोई माता से संतान प्राप्ति की कामना करें। लगाए गए पौधों का हर रोज ध्यान रखें। ऐसा करने से मनोकामना पूरी होने के जल्द आसार बनते हैं।

भगवान गणेश की करें पूजा
संतान की इच्छा रखने वाले दंपत्ति अहोई अष्टमी से लगातार 45 दिनों तक भगवान गणेश को हर रोज बेलपत्र चढ़ाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें। साथ ही बेलपत्र चढ़ाते समय हर रोज ‘ओम पार्वतीप्रियनंदनाय नम:’ मंत्र का 11 माला जप करें। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान गणेश की कृपा से पति-पत्नी की इच्छा अवश्वय पूरी होती है।

राधा कुंड में करें स्नान
अहोई अष्टमी के दिन संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपति गोवर्धन परिक्रमा के दौरान मध्य रात्रि में राधा कुंड में अवश्य स्नान करें। मान्यता है कि ऐसा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि राधा रानी ने इस कुंड को अपने कंगन से खोदा था। यहां अहोई अष्टमी के दिन हर साल शाही स्नान का आयोजन किया जाता है। संतान प्राप्ति के लिए स्नान की परंपरा द्वापर युग से चली आ रही है।

DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। किसी भी धार्मिक कार्य को करते वक्त मन को एकाग्र अवश्य रखें। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)