एक सरकारी स्कूल ऐसा भी जहां कक्षा में छाता लगाकर बच्चे करते हैं पढ़ाई, वायरल हुआ वीडियो, कांग्रेस ने किया कटाक्ष
भोपाल। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि एक कमरे में कुछ बच्चे छाता लगाकर बैठे हैं और शिक्षक ब्लैक-बोर्ड पर पढ़ा रहे हैं। इसके बाद कुछ हिस्सा छत का दिखाई देता है, जहां से बारिश का पानी लगातार टपकता हुआ दिखाई दे रहा है।
फिलहाल यह वीडियो मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के एक प्राथमिक स्कूल की बताई जा रही है। इस वीडियो को कांग्रेस ने शेयर करते हुए शिवराज सिंह चौहान सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए सवाल के घेरे में खड़ा किया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने एक फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की है औऱ बताया है कि बच्चे छाता लगाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं, यह फोटो सरकारी स्कूल के भवन के असल हालत का खुलासा सबके सामने कर रही है।
इसी के साथ सलूजा ने ट्विट करते हुए लिखा है कि मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार में एक तरह जहां अत्य़ाधुनिक सीएम राइज स्कूल के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं तो दूसरी ओर सिवनी जिले के खैरीकला गांव के प्राथमिक स्कूल में छत से टपक रहे पानी से बचने के लिए स्कूल के अंदर बच्चे छाता लगाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। यही है शिवराज सरकार की वास्तविकता।
बता दें कि मध्य प्रदेश ही नहीं देश के तमाम राज्यों के सरकारी स्कूलों के कमोबेस यही हाल हैं। कहीं छत टूटी है तो कहीं छत है ही नहीं। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे तमाम असुविधाओं और अव्यवस्था के बीच शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो पर लोग कटाक्ष करते हुए कह रहे हैं कि मध्य प्रदेश के स्कूलों के भवनों का बुरा है हाल। बच्चे बारिश के दौरान छाता लगाकर बैठे हैं। इससे पहले छात्रों द्वारा रस्सी के सहारे से नदी पार करके स्कूल जाने का मामला भी सामने आया था।
वीडियो को ट्विट करते हुए एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि सिवनी में आजादी के 75 साल बाद भी बच्चों को सरकारी स्कूल में छत नसीब नहीं।