Char Dham Yatra 2025: दो मई को खुलेंगे केदारनाथ के कपाट…फूलों से सजा मंदिर; शुरू हुई चार धाम की यात्रा-Video

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Char Dham Yatra 2025: वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि यानी 30 अप्रैल से सनातन धर्म की पवित्र चार धाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है और आगामी छह माह तक चार धाम की यात्रा श्रद्धालु कर सकेंगे.

उत्तराखंड की चार धाम की यात्रा पवित्र स्थलों में सबसे शीर्ष पर है. सनातन धर्म में चार धाम की यात्रा का खास महत्व होता है, जिसका भक्त बेसब्री से इंतजार करते हैं. बता दें कि अक्षय तृतीया को स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना जाता है. यही वजह है कि इसी दिन से ही चार धाम यात्रा की शुरुआत होती है.

बता दें कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुई आतंकी घटना को देखते हुए चार धाम की यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है. चप्पे-चप्पे पर पुलिस का कड़ा पहरा है और गहन चेकिंग के बाद ही श्रद्धालुओ को आगे बढ़ने दिया दिया जा रहा है.

इस यात्रा में श्रद्धालु चार पवित्र स्थल यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा करते हैं. माना जाता है कि चार धाम की यात्रा करने वाले को मोक्ष की प्राप्ति होती है. माना जाता है कि चार धाम यात्रा की शुरुआत आदिगुरु शंकराचार्य ने की थी. ये चार तीर्थ स्थल अलग-अलग देवी देवताओं को समर्पित है जोकि पौराणिक घटनाओं से भी संबंधित है.

केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट खुलेंगे इस दिन

बता दें कि केदारनाथ धाम चारधाम की यात्रा का तीसरा पड़ाव है, जोकि भगवान शिव को समर्पित है. हर साल यहां पर बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं. 2 मई को सुबह 07:00 बजे श्रद्धालुओं के लिए केदारनाथ के कपाट खोले जाएंगे. तो वहीं वहीं 4 मई 2025 को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे. बद्रीनाथ धाम इस यात्रा का चौथा और अंतिम पड़ाव होता है. बद्रीनाथ धाम में भगवान नारायण के दर्शन कर यात्रा पूरी होती है. हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं.

अक्षय तृतीया पर खुले गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट

गंगोत्री धाम मां गंगा और यमुनोत्री धाम यमुना जी को समर्पित है. बता दें कि 30 अप्रैल यानी अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खोल चुके हैं और श्रद्धालुओं का तांता लगा है. यमुनोत्री धाम को यमुना नदी का स्त्रोत और गंगोत्री धाम को गंगा नदी का स्रोत माना गया है. धार्मिक मान्यता है कि इस यात्रा से मनुष्य के सारे पाप कर्म नष्ट हो जाते हैं और व्यक्ति जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त होकर मोक्ष को प्राप्त होता है. बता दें कि बुधवार की सुबह करीब 10:30 बजे गंगोत्री धाम के कपाट खोले गए वहीं सुबह 11:50 पर यमुनोत्री धाम का कपाट खोला गया. माना जाता है कि इस यात्रा से रोग-दोष दूर होते हैं और आध्यात्मिक विकास होता है.

दर्शन को पहुंचे मुख्यमंत्री

बता दें कि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों धामों में कपाट खुलने के अवसर पर होने वाले उत्सव में हिस्सा लिया. इस दौरान बड़ी संख्या मं भक्त मौजूद रहे. तो वहीं मुख्यमंत्री ने संकल्प लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से पहली पूजा की। चारधाम यात्रा के सफल आयोजन और देश-प्रदेश की सुख समृद्धि व खुशहाली की मंगल कामना की है। बता दें कि इस अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई।

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